April 17, 2026

सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ सिटियस ट्रांसनेट का आईपीओ, 21 अप्रैल तक लगा सकते हैं बोली

नई दिल्ली, 17 अप्रैल। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के सिटियस ट्रांसनेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट का 1,105 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 21 अप्रैल तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 29 अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 99 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। इस आईपीओ के तहत 1,105 करोड़ रुपये के कुल 11.05 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट इस आईपीओ के जरिये मिलने वाली राशि का इस्तेमाल एसआरपीएल रोड्स प्राइवेट लिमिटेड और त्रिशूर एक्सप्रेसवे लिमिटेड, जोराबट शिलांग एक्सप्रेसवे लिमिटेड, धोला इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और दिबांग इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसे कुछ चिन्हित प्रोजेक्ट्स की सिक्योरिटीज के आंशिक या पूर्ण अधिग्रहण के लिए करेगी। इसके अलावा इस राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 6454.01 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 774.12 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 417.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 219.05 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,885.30 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2,038.53 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,65.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 1,570.39 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.