April 27, 2026

नई दिल्ली: हीट वेव से राहत के लिए सरकार का बड़ा कदम

नई दिल्ली 27 अप्रैल: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते तापमान और लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की विस्तृत समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस वर्ष सरकार ने अपनी रणनीति को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाया है और स्कूली बच्चों, निर्माण स्थलों पर कार्य कर रहे श्रमिकों का तो विशेष ध्यान रखा ही गया है, साथ ही पक्षियों व पशुओं तक पानी की उपलब्धता पहुंचाने के लिए विभागों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। हीट वेव पीड़ितों के लिए विशेष टीमें भी तैनात की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के ‘थर्मल हॉटस्पॉट’ और ‘हीट आइलैंड’ क्षेत्रों की संवेदनशीलता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दिल्ली में पिछले 2-3 वर्षों से लगातार 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने का गंभीर ट्रेंड देखा जा रहा है। इस बार सरकार ने दिल्ली के चप्पे-चप्पे का वैज्ञानिक विश्लेषण किया है। सैटेलाइट डेटा के आधार पर उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहां तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है। इसमें दक्षिण दिल्ली का आयानगर अत्यंत संवेदनशील है, जहां पूर्व में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया जा चुका है। इसी तरह पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में 43.7 डिग्री (2025 का उच्चतम) और सफदरजंग में 46.8 डिग्री (2023 का उच्चतम) तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा वजीरपुर, जहांगीरपुरी, ख्याला, शास्त्री पार्क, विश्वास नगर, हरकेश नगर, हरि नगर और दिल्ली गेट जैसे इलाके प्रमुख थर्मल हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। साथ ही, बाहरी दिल्ली की सीमाओं से सटे और घनी आबादी वाले इलाके जैसे सावदा, मुबारकपुर डबास, भलस्वा, नंद नगरी, गोकुलपुरी, और बक्करवाला में भी ‘हीट आइलैंड’ का गहरा प्रभाव देखा गया है। इन विशिष्ट क्षेत्रों के लिए सरकार ने विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया है। इन जगहों के स्वास्थ्य केंद्रों में अधिक ओआरएस पैकेट्स, क्विक रेस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती, पानी के अधिक टैंकरों की व्यवस्था आदि शामिल है।

मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी विभागों, विशेषकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), शिक्षा विभाग और दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी पानी और छाया की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी प्रमुख पार्कों, बस डिपो और स्कूल परिसरों में पक्षियों के लिए पानी के बर्तन और आवारा पशुओं के लिए विशेष जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि स्कूली बच्चों को गर्मी और लू से बचाने के लिए अगर जरूरत हुई तो उन्हें छुट्टी से पहले स्कूल से ओआरएस का घोल पिलाकर ही घरों के लिए रवाना किया जाएगा ताकि रास्ते में डिहाइड्रेशन का खतरा न रहे। बहुत अधिक हीट वेव की अवस्था में निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए दोपहर 12:00 से 03:00 बजे के बीच बाहरी कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके अलावा कार्यस्थलों पर मजदूरों को केवल पानी ही नहीं, बल्कि धूप से बचाव के लिए कैप (टोपी) और गमछे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर ही प्राथमिक चिकित्सा किट और आइस पैक्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली अब ‘कूल रूफ पॉलिसी 2026’ की ओर बढ़ रही है। कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डा की छतों पर लगभग 28,674 वर्ग फुट में रिफ्लेक्टिव कोटिंग का काम पूरा कर लिया गया है, जिससे भवन के अंदर का तापमान कम रहेगा। इसके अलावा, बस स्टॉप को ठंडा रखने के लिए ‘हाई प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम’ और कंक्रीट के जंगलों को ठंडा करने के लिए ‘एंटी-स्मॉग गन्स’ का भी प्रयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने सभी 13 जिलों में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है और 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष ‘5-बेड वाले कूल रूम’ तैयार किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक दिल्ली सरकार की 24x7 हेल्पलाइन 1077, 1070 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 39 क्विक रेस्पॉन्स टीमें व प्रशिक्षित आशा वर्कर्स को भी एलर्ट मोड में रखा गया है। कई स्थलों पर पीने का ठंडा पानी व ओआरएस घोल की व्यवस्था की जाएगी, विशेषकर व्यस्त बस स्टॉपों व बस टर्मिनल पर पानी की रेहड़ी आदि खड़ी करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राजधानी में इस वर्ष गर्मी के दौरान बिजली की मांग एक नया रिकॉर्ड बना सकती है। अनुमान है कि इस सीजन में दिल्ली की पीक पावर डिमांड 9,000 मेगावाट के स्तर को पार कर जाएगी, जो पिछले वर्ष की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट से काफी अधिक है। इस भारी मांग को देखते हुए हमने बिजली कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आपूर्ति में कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों, जल उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) और मोबाइल टावरों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर 24×7 निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्राथमिकता प्रोटोकॉल लागू किया गया है। बिजली कंपनियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे ट्रांसफार्मर और तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए अतिरिक्त क्विक रिस्पांस टीमें और मोबाइल ट्रांसफार्मर तैनात रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में आपूर्ति को तत्काल बहाल किया जा सके।

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