मनमाने एमआरपी पर कार्रवाई की मांग, एबीजीपी 25 मई को करेगी प्रदर्शन
नागपूर, 14 मई । अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) ने वस्तुओं पर मनमाना अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के खिलाफ केंद्र सरकार से तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने बताया कि इस मांग को लेकर 25 मई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य गजानन पांडे ने बताया कि एबीजीपी पिछले 40 वर्षों से हर वस्तु पर उत्पादन मूल्य छापने की मांग लगातार कर रही है। पहले वस्तुओं पर “खुदरा मूल्य + स्थानीय कर अतिरिक्त” लिखा जाता था, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग करों के चलते ग्राहकों को एक ही वस्तु के लिए अलग कीमत चुकानी पड़ती थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एमआरपी प्रणाली लागू की।
संगठन का आरोप है कि उत्पादक कंपनियां वस्तुओं पर वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक एमआरपी छापकर ग्राहकों को लूट रही हैं और भारी छूट का लालच देकर उन्हें भ्रमित किया जा रहा है। विशेष रूप से दवाइयों, सौंदर्य प्रसाधनों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की चीजों पर उत्पादन लागत से कहीं अधिक एमआरपी छापी जा रही है। पांडे ने कहा कि इस मुद्दे पर कई बार आवाज उठाने के बावजूद प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने मांग की है कि हर वस्तु पर एमआरपी के साथ उत्पादन मूल्य छापना अनिवार्य किया जाए और उत्पादक कंपनियों द्वारा मनमानी एमआरपी छापने पर रोक लगाई जाए। उचित और न्यायसंगत एमआरपी तय करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक प्राधिकरण बनाया जाए।
इस प्राधिकरण को एमआरपी की जांच, पुनरावलोकन और कार्रवाई के अधिकार दिए जाएं। इसके अलावा दवाइयों, खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं के लिए विशेष नियंत्रण व्यवस्था बनाई जाए। ग्राहकों को धोखा देने वाले उत्पादकों और विक्रेताओं पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
गजानन पांडे ने कहा कि इन मांगों को लेकर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायणभाई और राष्ट्रीय सचिव जयंतभाई कथेरिया के नेतृत्व में यह देशव्यापी आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। आगामी 25 मई को सुबह 10 बजे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है।