May 28, 2026

राष्ट्रमंडल खेल की तैयारी को गति: राष्ट्रीय खेल महासंघों में नियुक्त होंगे सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार

नई दिल्ली, 28 मई । भारत के खेल प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय अब राष्ट्रीय खेल डिजिटल व्यवस्था के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल महासंघों में समर्पित सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार नियुक्त करने की योजना बना रहा है।

इस पहल का उद्देश्य खेल महासंघों की डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत करना, प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों की बेहतर योजना बनाना, खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है। यह कदम भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों और भविष्य की ओलंपिक महत्वाकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि यह पहली बार किया जा रहा प्रयास है, जिसका उद्देश्य खेल पारिस्थितिकी तंत्र को तकनीक के माध्यम से और अधिक मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा, “यह पहल प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों, खिलाड़ियों की भागीदारी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और त्वरित समन्वय को अधिक प्रभावी बनाएगी। भारत राष्ट्रमंडल खेलों और भविष्य की ओलंपिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मजबूत खेल व्यवस्था विकसित कर रहा है।”

पिछले कुछ वर्षों में खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण ने राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ कई डिजिटल मंच विकसित किए हैं। इनमें वार्षिक नवीनीकरण पोर्टल, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता वार्षिक कैलेंडर व्यवस्था, खेल प्रबंधन प्रणाली, महिला खेल पोर्टल, राष्ट्रीय खेल अभिलेख प्रणाली और आगामी डिजिटल प्रमाणन व्यवस्था शामिल हैं।

इन व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता, खिलाड़ियों की निगरानी, वित्तीय अनुश्रवण और प्रशासनिक जवाबदेही में काफी सुधार हुआ है।

अब विभिन्न डिजिटल प्रक्रियाओं- जैसे वार्षिक मान्यता, प्रतियोगिता कैलेंडर प्रबंधन, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का पंजीकरण, खेलों के लिए नामांकन, परिणाम अपलोड, वित्तीय दस्तावेज़ और डिजिटल प्रमाणपत्र- के बढ़ते उपयोग को देखते हुए महासंघ स्तर पर समर्पित डिजिटल सहायता की आवश्यकता महसूस की गई है।

प्रस्तावित सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार महासंघों को डिजिटल प्रणालियों के संचालन और समन्वय में सहायता प्रदान करेंगे। वे प्रतियोगिता कैलेंडर तैयार करने, खिलाड़ियों और अधिकारियों के नामांकन, वार्षिक नवीनीकरण, प्रतियोगिता परिणाम अपलोड, खिलाड़ी अभिलेख सत्यापन, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ डिजिटल समन्वय जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय शिविरों के प्रबंधन में दक्षता बढ़ेगी। खिलाड़ियों के आंकड़े, कार्यक्रम, नामांकन और अनुमोदन प्रक्रियाएं अधिक तेज और व्यवस्थित होंगी। साथ ही महासंघ खिलाड़ियों के विकास और खेल उत्कृष्टता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। यह व्यवस्था भारत के खेल प्रशासन के डिजिटलीकरण का अगला चरण है, जो एकीकृत, खिलाड़ी-केंद्रित और तकनीक-सक्षम खेल ढांचा तैयार करेगा।

वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के साथ भारत अपने घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड पदक जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में डिजिटल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना खिलाड़ियों के प्रबंधन, प्रदर्शन निगरानी और संस्थागत समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सरकार राष्ट्रीय खेल डिजिटल व्यवस्था, राष्ट्रीय खेल अभिलेख प्रणाली, महासंघ सहायता प्रणालियों और सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकारों के संयुक्त ढांचे के माध्यम से एक पारदर्शी, निर्बाध और तकनीक-संचालित खेल व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जो विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप हो।

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