June 03, 2026

सीएमआर ग्रीन का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।

नई दिल्ली, 03 जून । नॉन फेरस मेटल की रिसाइकिलिंग करने वाली कंपनी सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का 630.88 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में पांच जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद आठ जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि नौ जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 10 जून को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 182 रुपये से लेकर 192 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 78 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 78 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,976 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,688 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,014 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,28,58,323 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 65,42,929 शेयर रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 21.43 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों के लिए 0.62 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 104.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसके अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 838.56 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हो गया। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 में स्थिति बदली और कंपनी 155.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाने में सफल रही। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 162.39 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 5,889 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5,968.44 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6,696.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 6,291 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 268.19 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 498.65 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 894.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 1,303.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1,195.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 317.54 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 458.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 594.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2,064.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1,187.99 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,328.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 1,464.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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