दिल्ली में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ बड़ा अभियान, 55,532 चालान; 3,123 वाहन जब्त
नई दिल्ली, 09 जून। राजधानी की सड़कों को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम (एमसीडी) ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान चलाया। 3 जून से 6 जून तक चले इस विशेष अभियान के दौरान दिल्ली के सभी ट्रैफिक सर्किलों और रेंज में कार्रवाई करते हुए 144 स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 55,532 चालान किए गए, जबकि 3,123 वाहनों को जब्त अथवा टो कर निर्धारित यार्ड में भेजा गया।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) विजयंता गोयल आर्य ने मंगलवार को बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सड़कों की क्षमता बढ़ाना, पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, यातायात को सुचारु बनाना और अधिकृत पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना था। अभियान के तहत प्रमुख सड़कों, बाजारों, फुटपाथों, सर्विस लेन और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया।
1,264 रेहड़ी-पटरी और 1,015 अतिक्रमण हटाए गए
कार्रवाई के दौरान फुटपाथों और सड़कों पर कब्जा जमाए 1,264 रेहड़ी-पटरी हटाई गईं। इसके अलावा 1,015 अतिक्रमणों को भी साफ कराया गया। इनमें अवैध दुकान विस्तार, अस्थायी खोखे, अनधिकृत व्यावसायिक प्रदर्शन, सड़क और फुटपाथ पर बनाए गए अवरोधक ढांचे शामिल थे।अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अतिक्रमण सड़क की चौड़ाई कम कर यातायात जाम और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
3,123 वाहन जब्त, 55,532 चालान
अभियान के दौरान अवैध रूप से पार्क किए गए, सड़क पर छोड़े गए या यातायात में बाधा बन रहे 3,123 वाहनों को जब्त अथवा टो किया गया। वहीं सड़क और फुटपाथ पर वाहन खड़ा करने सहित अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 55,532 चालान जारी किए गए।
पहले चरण में छह प्रमुख स्थानों पर विशेष फोकस
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि अभियान के पहले चरण में उन स्थानों को प्राथमिकता दी गई जहां अधिकृत पार्किंग सुविधाएं होने के बावजूद लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा कर रहे थे। पहले चरण में निम्न स्थानों पर विशेष अभियान चलाया गया।
-स्पार्क मॉल, कमला नगर, एम-ब्लॉक मार्केट, ग्रेटर कैलाश-1, हौज खास, कुतुब रोड, निजामुद्दीन बस्ती और परेड ग्राउंड शामिल है।
पुलिस का कहना है कि इन स्थानों पर अवैध पार्किंग के कारण सड़क की क्षमता प्रभावित हो रही थी और आसपास मौजूद पार्किंग सुविधाओं का उपयोग अपेक्षाकृत कम हो रहा था।
दूसरे चरण में इन इलाकों पर होगी कार्रवाई
अभियान के दूसरे चरण में निम्न स्थानों को चिन्हित किया गया है।
- मैक्स अस्पताल, साकेत, चर्च मिशन रोड, पुष्प विहार रोड, मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग, यूसुफ सराय, ग्रीन पार्क, अलकनंदा कमर्शियल, कॉम्प्लेक्स, कम्युनिटी सेंटर के पास, सब्जी मंडी, गीता कॉलोनी, कार बाजार के पास, लक्ष्मी नगर, गीता कॉलोनी की बाउंड्री वॉल के आसपास और कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर और आसपास का क्षेत्र शामिल है।
क्यों जरूरी था यह अभियान
विजयंता गोयल आर्य के अनुसार, सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण तथा अनधिकृत पार्किंग केवल नागरिक नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती भी है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा फुटपाथों पर कब्जा होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित आम लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
कृत्रिम जाम की स्थिति बाजारों में दुकानों का सड़क तक फैलाव, रेहड़ी-पटरी और सड़क किनारे पार्किंग के कारण सड़कों की प्रभावी चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे पीक ऑवर में जाम लगता है।
सड़क की क्षमता में कमी
अनधिकृत पार्किंग सड़क के उपयोग योग्य हिस्से को घेर लेती है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है और अधिकृत पार्किंग स्थलों का उपयोग भी कम हो जाता है। कई स्थानों पर सड़क किनारे और सर्विस लेन में अवैध कब्जे के कारण एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। वहीं अस्थायी ढांचे, होर्डिंग और गलत तरीके से खड़े वाहन चौराहों पर दृश्यता कम कर देते हैं, जिससे टक्कर और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं अतिक्रमण के कारण यात्रा का समय बढ़ता है, वाहनों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है और प्रदूषण भी बढ़ता है।
एमसीडी आयुक्त ने दी चेतावनी
एमसीडी आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक सड़कें, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक स्थान सामूहिक नागरिक संपत्ति हैं, जिनका उपयोग सुरक्षित आवागमन और पैदल चलने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध विस्तार, अस्थायी ढांचे, अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एमसीडी सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। सभी दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी संचालकों और संपत्ति मालिकों से अपील की गई है कि वे फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जे स्वयं हटा लें। भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आवासीय परिसरों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां चलाने और सड़कों पर व्यावसायिक सामान रखने पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। एमसीडी ने आरडब्ल्यूए, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
ट्रैफिक पुलिस की अपील
विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) ने लोगों से अपील की कि वे सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और फुटपाथों का उपयोग वाहन पार्किंग के लिए न करें। नागरिक केवल अधिकृत पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस व अन्य नागरिक एजेंसियों का सहयोग करें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि राजधानी में सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग से मुक्त रखने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार जारी रहेंगे।