June 22, 2026

कोरबा वन मंडल में वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्यों की तैयारी तेज, मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कोरबा, 22 जून । आगामी वर्षा ऋतु में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने के लिए कोरबा वन मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में वन मंडल स्तर पर आज एक दिवसीय विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न वन परिक्षेत्रों के अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

वन विभाग द्वारा इस वर्ष बालको, कोरबा, लेमरू, पसरखेत, कुदमुरा और करतला सहित विभिन्न वन परिक्षेत्रों में दांडिक क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल 2 लाख 64 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वानिकी कैलेंडर के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पौधरोपण कार्य किया जाएगा तथा पौधों की बेहतर जीवितता सुनिश्चित करने के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय निंदाई निर्धारित समय पर कराई जाएगी।

पौधों को मवेशियों एवं अन्य बाहरी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए प्री-स्ट्रेस पोल और चेनलिंक फेंसिंग की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वहीं पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए जैविक एवं कार्बनिक खाद के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में रोपण प्रभारियों एवं सहायकों को पौधरोपण, सिंचाई, थाला निर्माण, खाद प्रबंधन तथा निंदाई की वैज्ञानिक पद्धतियों का मैदानी स्तर पर प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी गई।

इसके साथ ही वन क्षेत्रों में भूजल संरक्षण एवं वनों के सुधार कार्यों को लेकर भी विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बालको परिक्षेत्र के खेतार क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में लूज बोल्डर चेक डैम, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच जैसी जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण की तकनीकी बारीकियां समझाई गईं। एनआरएम इंजीनियर द्वारा मौके पर लेआउट तैयार कर कार्यों का प्रदर्शन किया गया, जिससे कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान हो सका।

प्रशिक्षण में अभिलेखीकरण, हाई-डेफिनेशन फोटोग्राफी एवं ड्रोन फोटोग्राफी के माध्यम से कार्यों की निगरानी और दस्तावेजीकरण की जानकारी भी दी गई। वनमंडलाधिकारी, उपवनमंडलाधिकारी एवं परिक्षेत्र अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी वृक्षारोपण, जल एवं मृदा संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए वन संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण को नई गति प्रदान करना है।

वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव ने कहा कि कोरबा वन मंडल में इस वर्ष व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण कार्य किए जाएंगे। इसके लिए मैदानी अमले को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना आवश्यक है। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल लक्ष्य की पूर्ति नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का दीर्घकालिक संरक्षण एवं बेहतर सर्वाइवल सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कार्य, वैज्ञानिक पद्धति और सटीक अभिलेखीकरण के माध्यम से वन क्षेत्र के विकास, भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जाएगा।

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