इन दिनों बाजार में आम की भरमार है। चौसा, दशहरी, लंगड़ा, सफेदा और केसर जैसी कई किस्में आसानी से मिल रही हैं। गर्मियों में आम की मांग बढ़ने के साथ लोग बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, केवल बाहर से चमकदार और ताजा दिखने वाला आम हमेशा अच्छी गुणवत्ता का हो, यह जरूरी नहीं है।हाल ही में गुजरात के मेहसाणा में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान कुछ ऐसे आम मिले जो बाहर से हरे और ताजा दिखाई दे रहे थे, लेकिन उन्हें काटने पर अंदर छोटे कीड़े पाए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसे आम जूस और शेक बनाने के लिए भेजे जा रहे थे। इस तरह की घटनाएं उपभोक्ताओं के लिए सावधानी बरतने का संकेत हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, खराब या संक्रमित आम खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आम के अंदर फफूंदी या कीड़े हों तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों पर इसका असर अधिक हो सकता है।आम खरीदते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जा सकता है। बहुत ज्यादा मुलायम या दबा हुआ आम खरीदने से बचें। आम की सतह पर काले धब्बे, छेद या रिसाव दिखाई दे तो उसे न लें। खरीदने के बाद आम को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। यदि काटने पर गूदा काला, बदरंग, सड़ा हुआ या उसमें कीड़े नजर आएं तो उसे तुरंत फेंक दें।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि आम खरीदते समय भरोसेमंद दुकानों से ही फल लें और बहुत सस्ते दाम में मिलने वाले संदिग्ध फलों से बचें। यदि बड़ी मात्रा में खराब या संक्रमित फल बिक्री के लिए रखे गए हों, तो इसकी जानकारी संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जा सकती है।सावधानी और सही पहचान के जरिए उपभोक्ता खराब या संक्रमित आम खरीदने से बच सकते हैं और गर्मियों में इस लोकप्रिय फल का सुरक्षित तरीके से आनंद ले सकते है
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