यूनियन का कहना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का अधिकार देता है, ऐसे में आंदोलनकारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन अस्पताल में भर्ती कराना उचित नहीं है और यह घटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
किसान यूनियन ने केंद्र सरकार से छात्र आंदोलन की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए नीट परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने तथा छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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