नेपाल सरकार ने सरकारी सेवाओं में सुधार तेज करने के लिए दिए 22 सूत्रीय निर्देश
काठमांडू, 20 जुलाई। नेपाल के मुख्य सचिव गोविन्द कार्की ने संघीय मंत्रालयों के सचिवों को 22 सूत्रीय निर्देश जारी करते हुए सिविल सेवा के आचरण में सुधार, सरकारी सेवाओं को अधिक नागरिक-अनुकूल बनाने, सुशासन सुधारों को तेज करने तथा देश की सार्वजनिक अवकाश व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
ये निर्देश सोमवार को संघीय सरकार के सचिवों की बैठक में जारी किए गए। बैठक में सुशासन, सेवा प्रवाह, वित्तीय अनुशासन, सिविल सेवा प्रबंधन और कानूनी सुधार जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव कार्की ने सुशासन सुधार कार्यक्रम के तहत लंबित सभी कार्यों को बिना देरी पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग लागू कर निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने तथा सचिवों को स्वयं इसकी प्रगति की निगरानी करने को कहा।
सेवा वितरण को बेहतर बनाने और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए भूमि राजस्व, सर्वेक्षण, यातायात, श्रम, जिला प्रशासन और पुलिस कार्यालय जैसे अधिक भीड़ वाले सरकारी कार्यालयों में वन-स्टॉप सर्विस सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आवेदन या शिकायत तैयार करने में असमर्थ नागरिकों की सहायता के लिए अलग कर्मचारियों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी मंत्रालयों और सेवा प्रदान करने वाली सरकारी एजेंसियों को क्यूआर कोड, वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से एकीकृत नागरिक शिकायत एवं फीडबैक प्रबंधन प्रणाली लागू करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने भूमि राजस्व और सर्वेक्षण सेवाओं को स्थानीय सरकारों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज करने, डिजिटल सरकारी सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) विकसित करने और सरकारी कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।
नए संगठन एवं प्रबंधन सर्वेक्षण के तहत मंत्रालयों को अतिरिक्त कर्मचारियों को संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर पर रिक्त पदों पर तैनात करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय की स्वीकृति के बिना चालू वित्तीय वर्ष में किसी भी स्थायी रिक्त पद को न भरने के लिए कहा गया है। निर्देश के अनुसार सभी मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों को अपने प्रमुखों के साथ वार्षिक प्रदर्शन समझौता करना होगा। सेवा वितरण, बजट खर्च, परियोजना क्रियान्वयन, शिकायत निवारण और नागरिक संतुष्टि जैसे मुख्य प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
मुख्य सचिव कार्की ने सरकारी कर्मचारियों में अनुशासन और नैतिक आचरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सत्यनिष्ठा नीति 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी निकायों को मानसून से जुड़ी आपदाओं और संभावित महामारी के लिए तैयार रहने तथा नेपाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे सूची से बाहर निकालने के प्रयासों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। निर्देशों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, ऑडिट अनियमितताओं को कम करने, सीमा पार अपराध और राजस्व रिसाव रोकने के लिए बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर भी बल दिया गया है।
इसके अलावा मंत्रालयों को तबादले, पदोन्नति और सेवानिवृत्ति के दौरान संस्थागत ज्ञान का उचित हस्तांतरण सुनिश्चित करने, 24 जुलाई तक मंत्रियों और प्रधानमंत्री के बीच होने वाले प्रदर्शन समझौतों का मसौदा प्रस्तुत करने तथा चालू वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित विधेयकों का मसौदा बिना देरी तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, शनिवार और रविवार को दो-दिवसीय साप्ताहिक अवकाश लागू होने के बाद अन्य सार्वजनिक छुट्टियों की आवश्यकता की समीक्षा के लिए सरकार ने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक कार्यदल का गठन किया है।
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय, संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय, भूमि प्रबंधन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों वाले इस कार्यदल को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।