दंतेवाड़ा। बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और स्थानीय खाद्य संसाधनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ’’निरमान’’ संगठन द्वारा डब्ल्यू एचएच परियोजना के अंतर्गत इस माह दंतेवाड़ा की 8 परियोजनाओं में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए प्रशिक्षक प्रशिक्षण (ज्वज्) सत्र किए गए हैं, जो अभी भी जारी हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सहायिकाओं को स्थानीय, विविध एवं मौसमी खाद्य पदार्थों तथा मिलेट्स के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही मिलेट्स से संबंधित पौष्टिक एवं स्वादिष्ट नई रेसिपियाँ तैयार करना सिखाया गया, जिन्हें आंगनवाड़ी के पूरक पोषण आहार में शामिल किया जा सके। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण बाड़ी (न्यूट्री गार्डन) विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण उपरांत ’’निरमान’’ टीम ने सीडीपीओ एवं परियोजना अधिकारी, बारसूर परियोजना के सहयोग से बारसूर के दो आंगनवाड़ी केंद्रों में पपीता, कटहल, अमरूद, भिंडी, लौकी, बरबटी, मक्का, कद्दू तथा अत्यंत पौष्टिक सहजन (मोरिंगा) सहित विभिन्न फल एवं सब्जियों के बीज एवं पौधे लगाए। इसके साथ ही जानकारी दी गई थी कि शीघ्र ही बारसूर परियोजना के 30/40 आंगनवाड़ी केंद्रों में भी पोषण बाड़ी विकसित की जाएगी, जिससे बच्चों के लिए पौष्टिक सब्जियों की उपलब्धता एवं सुलभता बढ़ाने के साथ-साथ समुदाय में पोषण सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।
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