अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर (फेडरल फंड्स रेट) को 3.50 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया है। हालांकि, इस निर्णय के दौरान फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के भीतर महंगाई को लेकर मतभेद भी सामने आए। तीन सदस्यों ने 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया।
FOMC ने 9-3 के बहुमत से ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया। फेड ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला मूल्य स्थिरता और अधिकतम रोजगार के दोहरे लक्ष्य (Dual Mandate) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
फेड के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। उत्पादकता, पूंजी निवेश और रोजगार में सुधार जारी है तथा बेरोजगारी दर भी लगभग स्थिर बनी हुई है।
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्वीकार किया कि महंगाई अब भी उसके 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है। फेड ने कहा कि वह मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में बेथ एम. हैमैक, नील काशकारी और लॉरी के. लोगन ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया। यह पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक असहमति वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है।
फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श ने सितंबर की बैठक को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि समिति में विभिन्न विचार होना नीति-निर्माण प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है।
फेड के फैसले के बाद अमेरिकी वित्तीय बाजारों में दबाव देखने को मिला। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जबकि शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 सूचकांक 1.52 प्रतिशत गिरकर 7,316 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 1.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,442 अंक पर बंद हुआ।
hindnesri24news@gmail.com
© Hind Kesari24. All Rights Reserved.