July 30, 2026

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम से चिप डिजाइन और निर्माण के लिए तैयार हो रहा कुशल मानव संसाधन

केंद्र सरकार ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम और सेमीकॉन 2.0 के तहत चिप डिजाइन, निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग के लिए मजबूत प्रतिभा तैयार करने की दिशा में व्यापक पहल की है। सरकार का उद्देश्य ऐसा कुशल कार्यबल तैयार करना है जो पूरे सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन की जरूरतों को पूरा कर सके।

सरकार के अनुसार, चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम के तहत इंजीनियरिंग संस्थानों को अत्याधुनिक चिप डिजाइन टूल्स मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक इन टूल्स का उपयोग 240 लाख घंटे से अधिक किया जा चुका है। इस पहल के तहत 68,000 से अधिक लोगों को चिप डिजाइन का प्रशिक्षण दिया गया है और 175 चिप डिजाइन सफलतापूर्वक टेप-आउट किए गए हैं।

इसके अलावा NIELIT कालीकट में स्थापित SMART लैब के माध्यम से वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे क्षेत्रों में एक लाख से अधिक इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं AICTE ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्नातक, डिप्लोमा और माइनर डिग्री के लिए नया पाठ्यक्रम भी शुरू किया है।

सेमीकंडक्टर निर्माण और ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) क्षेत्र के लिए भी कई पहल की गई हैं। NIELIT गुवाहाटी में आधुनिक प्रशिक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है, जबकि लैम रिसर्च के सहयोग से अगले 10 वर्षों में 60,000 प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने उद्योग जगत के साथ भी साझेदारी की है। फ्यूचरस्किल्स प्राइम, NAMTECH और IBM के साथ समझौतों के जरिए कौशल विकास, अनुसंधान, इंटर्नशिप और सेमीकंडक्टर तकनीकों में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ भी समझौते किए गए हैं, ताकि संयुक्त अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

सरकार ने बताया कि 15 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.275 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम में उन्नत अनुसंधान, डिजाइन और विनिर्माण के लिए प्रतिभा विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

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