August 01, 2026

RBI की ओर से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने और रुपये को समर्थन देने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है।

नई दिल्ली 01 अगस्त: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने और रुपये को समर्थन देने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है। शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंक के उपायों के बाद देश में कुल 40.81 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई है। इन कदमों का उद्देश्य घरेलू बाजार में विदेशी पूंजी की उपलब्धता बढ़ाना और रुपये पर दबाव कम करना था।

रिजर्व बैंक ने जून महीने में विदेशी मुद्रा से जुड़े कई उपायों की घोषणा की थी। इनमें रियायती हेजिंग सुविधाएं और स्वैप व्यवस्थाएं शामिल थीं। इन कदमों के जरिए सरकारी कंपनियों, बैंकों और विदेशी मुद्रा नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट (FCNR(B) Deposits) के माध्यम से विदेशों से धन जुटाने को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई गई थी।

RBI ने बताया कि बैंकों द्वारा जुटाए गए विदेशी मुद्रा नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट से करीब 36.7 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा अन्य उपायों के जरिए भी विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा मिला है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, इन पहलों से देश के विदेशी मुद्रा भंडार और वित्तीय बाजारों को मजबूती मिली है। विदेशी मुद्रा जुटाने पर RBI का जोर भारतीय रिजर्व बैंक लंबे समय से रुपये में स्थिरता बनाए रखने और विदेशी मुद्रा बाजार में संतुलन कायम रखने के लिए कई कदम उठाता रहा है। हाल के समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण रुपये पर दबाव देखने को मिला था।

ऐसे माहौल में RBI ने विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बैंकों और अन्य संस्थानों को प्रोत्साहित करने वाले उपायों की घोषणा की। केंद्रीय बैंक का उद्देश्य था कि देश में पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध रहे और बाजार में किसी भी तरह की अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके। RBI के अनुसार, बैंकों को सितंबर के अंत तक खुली जीरो-कॉस्ट हेजिंग सुविधा के तहत इन विदेशी मुद्रा नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट को केंद्रीय बैंक के साथ स्वैप करने की अनुमति दी गई है। इस व्यवस्था से बैंकों को विदेशी मुद्रा जोखिम प्रबंधन में मदद मिलेगी और देश में डॉलर की उपलब्धता बढ़ेगी।

FCNR डिपॉजिट से मिला बड़ा योगदान आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट ने इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बैंकों ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य पात्र निवेशकों से विदेशी मुद्रा में जमा राशि जुटाई, जिससे देश में डॉलर की आवक बढ़ी। RBI की स्वैप सुविधा के कारण बैंकों को इन डिपॉजिट को अधिक प्रभावी तरीके से प्रबंधित करने का अवसर मिला। इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा की स्थिति मजबूत हुई और बाजार में डॉलर की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा प्रवाह में वृद्धि से रुपये पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, रुपये की दिशा पर कई अन्य घरेलू और वैश्विक कारकों का भी असर पड़ता है, जिनमें कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय निवेश माहौल शामिल हैं। रुपये को स्थिर रखने की कोशिश भारतीय रुपया समय-समय पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण उतार-चढ़ाव का सामना करता रहा है। डॉलर की मांग बढ़ने या विदेशी निवेश में कमी आने से रुपये पर दबाव बन सकता है। ऐसे समय में RBI विदेशी मुद्रा भंडार और बाजार में तरलता को संतुलित रखने के लिए विभिन्न उपाय करता है।

केंद्रीय बैंक द्वारा उठाए गए हालिया कदमों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने से RBI को बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं। आर्थिक स्थिरता के लिए अहम कदम RBI के इन उपायों को देश की व्यापक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेशी पूंजी की उपलब्धता बढ़ने से न केवल रुपये को समर्थन मिलता है, बल्कि वित्तीय प्रणाली में भरोसा भी मजबूत होता है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह विदेशी मुद्रा बाजार और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी उचित कदम उठाए जाएंगे। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर मुद्रा बाजार बेहद जरूरी हैं। RBI की हालिया पहल से विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बढ़ी है और इससे वित्तीय बाजारों में सकारात्मक संकेत गए हैं। कुल मिलाकर, केंद्रीय बैंक के उपायों से आए 40.81 अरब डॉलर देश की विदेशी मुद्रा स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन उपायों का असर रुपये की स्थिरता और बाजार की स्थिति पर देखने को मिल सकता है।

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