August 03, 2026

पांच साल बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि से मिलीं आंग सान सू की, रेड क्रॉस अधिकारी ने की मुलाकात

नेपीडॉ, 03 अगस्त। म्यांमार की नजरबंद पूर्व नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की ने सोमवार को इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस (आईसीआरसी) के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि से मुलाकात की। फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन के प्रतिनिधि के साथ उनकी सार्वजनिक रूप से पुष्टि की गई यह पहली मुलाकात मानी जा रही है। इस घटनाक्रम को म्यांमार के राजनीतिक संकट के बीच एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

ताइवान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी सीएनए और तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के अनुसार, आईसीआरसी के म्यांमार स्थित रेजिडेंट प्रतिनिधि अर्नॉड डी बेक ने राजधानी नेपीडॉ में आंग सान सू की से मुलाकात की। आईसीआरसी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह मुलाकात उसकी मानक मानवीय प्रक्रिया के तहत हुई और इसमें सू की से अकेले में बातचीत करने का अवसर भी मिला। हालांकि, बातचीत की विषयवस्तु सार्वजनिक नहीं की गई।

म्यांमार की सैन्य सरकार ने इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं। तस्वीरों में 81 वर्षीय आंग सान सू की पारंपरिक बर्मी पोशाक में आईसीआरसी प्रतिनिधि से हाथ मिलाते और बातचीत करते हुए दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इन तस्वीरों के स्थान और समय की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना ने तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इसके तुरंत बाद आंग सान सू की को हिरासत में ले लिया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, चुनावी अनियमितताओं और सरकारी गोपनीयता कानून के उल्लंघन सहित कई मामलों में मुकदमे चलाए गए। पहले उन्हें 33 वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में घटाकर 27 वर्ष और फिर 18 वर्ष कर दिया गया। सू की और उनकी पार्टी लगातार इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।

हिरासत में लिए जाने के बाद से आंग सान सू की लगभग पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट गई थीं। उनकी सेहत और वर्तमान स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा मानवाधिकार संगठनों की चिंता लगातार बनी हुई है। उनके बेटे किम एरिस ने इस मुलाकात का स्वागत करते हुए इसे पिछले पांच वर्षों का पहला सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि अब परिवार को सू की से सीधे संपर्क की अनुमति मिलनी चाहिए, उनकी सेहत की स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए और सभी राजनीतिक बंदियों की बिना शर्त रिहाई की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से सेना और विभिन्न विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष लगातार जारी है। इस दौरान आईसीआरसी संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों और हिरासत में बंद लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने का कार्य करता रहा है। वहीं, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान भी म्यांमार में राजनीतिक समाधान, संवाद और शांति बहाली के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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