गुवाहाटी, 15 अगस्त । असम में बाढ़ की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। प्रभावित लोग राहत शिविरों से अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। सरकार प्रभावितों की मदद के लिए हर संभव मदद कर रही है। खासकर सड़क एवं रास्तों की मरम्मत एवं कीचड़ हटाने का कार्य भी तेजी से चलाया जा रहा है। स्कूलों की सफाई एवं मरम्मत के लिए भी तीव्र गति से कार्य चलाए जा रहे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 14 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रहीं है। हालांकि, शिवसागर जिले में शुक्रवार को फिर से एक और शव बरामद हुआ है, जिसके चलते बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 105 हो गई है। प्रभावित जिलों में नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, कामरूप, होजाई, जोरहाट एवं लखीमपुर शामिल हैं। इन 7 जिलों के 20 राजस्व मंडलों के कुल 313 गांव प्रभावित हैं। वर्तमान समय में राज्य की कुल 78637 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 8268.71 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
राहत एवं बचाव अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन आदि एजेंसियां जुटी हुईं हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में शुक्रवार को राज्य सरकार ने कुल 44 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान पांच नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित 117 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत के लिए सरकार लगातार समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा ले रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा एवं राज्य सरकार के कई मंत्री लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावितों की मदद के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
hindnesri24news@gmail.com
© Hind Kesari24. All Rights Reserved.