August 29, 2026

वेलवन सेंथिलकुमार ने हंगरी में पीएसए बुडापेस्ट स्क्वैश ओपन का खिताब जीता।

भारत के वेलवन सेंथिलकुमार ने हंगरी में आयोजित पीएसए बुडापेस्ट स्क्वैश ओपन का खिताब फाइनल में घरेलू दावेदार बालाज़ फ़ार्कस को 3-0 से हराकर जीता। खिताब तक पहुंचने का उनका सफर बेहद प्रभावशाली रहा। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने विश्व नंबर 18 और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ऐन योव एनजी को 3-0 से हराया और फिर सेमीफाइनल में अपने ही देश के वीर चोत्रानी को 3-2 से मात दी। सेंथिलकुमार ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने इस यादगार सप्ताह का समापन किया।

भारत के उभरते हुए स्क्वैश खिलाड़ी वेलवन सेंथिलकुमार ने हंगरी में आयोजित पीएसए बुडापेस्ट स्क्वैश ओपन का खिताब जीतकर भारतीय स्क्वैश जगत को गौरवान्वित किया। सेंथिलकुमार ने फाइनल मुकाबले में घरेलू दावेदार बालाज़ फ़ार्कस को सीधे तीन गेमों में 3-0 से हराकर शानदार अंदाज में ट्रॉफी अपने नाम की। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टूर्नामेंट के दौरान उन्हें लगातार मजबूत और अनुभवी खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर मुकाबले में अपने आत्मविश्वास, धैर्य और बेहतरीन खेल का परिचय दिया। खिताब की राह में सेंथिलकुमार का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन क्वार्टरफाइनल मुकाबले में देखने को मिला, जहां उन्होंने विश्व नंबर 18 और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता ऐन योव एनजी को 3-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। क्वार्टरफाइनल की इस शानदार जीत ने सेंथिलकुमार के आत्मविश्वास को और मजबूत किया और वह सेमीफाइनल में पूरे जोश के साथ उतरे। सेमीफाइनल में उनका सामना भारत के ही वीर चोत्रानी से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और सेंथिलकुमार को जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। इस मुकाबले में उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता साफ दिखाई दी। फाइनल में घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच खेल रहे बालाज़ फ़ार्कस के सामने सेंथिलकुमार ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने अपने शॉट्स में सटीकता, गति में विविधता और कोर्ट पर बेहतरीन मूवमेंट का प्रदर्शन करते हुए लगातार दबाव बनाए रखा। तीनों गेम में उनका आत्मविश्वास नजर आया और उन्होंने मुकाबले को 3-0 से अपने पक्ष में समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ सेंथिलकुमार ने न केवल पीएसए बुडापेस्ट स्क्वैश ओपन का खिताब हासिल किया, बल्कि यह भी साबित किया कि भारतीय स्क्वैश में नई प्रतिभाएं तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। क्वार्टरफाइनल में शीर्ष खिलाड़ी को हराने से लेकर सेमीफाइनल की कड़ी चुनौती पार करने और फिर फाइनल में सीधे गेमों में जीत हासिल करने तक उनका पूरा अभियान शानदार रहा। बुडापेस्ट में सेंथिलकुमार का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनसे इसी तरह के प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।

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