October 02, 2026

राजपाल यादव को लेकर उठे सवाल , राजपाल यादव से जुड़ी घटना का सच आया सामने

मुंबई: अभिनेता मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि अभिनेता राजपाल यादव को कार्यक्रम से बेइज्जती के साथ बाहर जाने के लिए कहा गया था। हालांकि सामने आए दूसरे वीडियो और पूरे घटनाक्रम से यह दावा भ्रामक साबित होता है। उपलब्ध फुटेज में राजपाल यादव को प्रार्थना सभा से जबरन निकाले जाने या परिवार की ओर से उनका अपमान किए जाने का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है।

मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा 30 सितंबर को मुंबई में आयोजित की गई थी। राजपाल यादव भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। वायरल क्लिप में एक महिला की आवाज सुनाई देती है, जो नाराजगी में किसी व्यक्ति को कह रही है कि उसे बाहर भेज दिया जाएगा और यह सेल्फी लेने की जगह नहीं है। इसी दौरान राजपाल यादव भी वहां से जाते दिखाई देते हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि महिला उन्हें ही डांट रही थी। लेकिन दूसरे एंगल से सामने आए वीडियो में तस्वीर अलग दिखाई देती है। उसमें एक व्यक्ति राजपाल यादव के साथ सेल्फी लेने की कोशिश करता नजर आता है। महिला उसी व्यक्ति को रोकती है और प्रार्थना सभा की गंभीरता बनाए रखने के लिए उसे वहां से बाहर जाने को कहती है। इसके बाद वह व्यक्ति अपना फोन रखकर वहां से चला जाता है। राजपाल यादव उस समय तक मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दे चुके थे और उनके परिवार से भी मिल चुके थे। इसके बाद वह मीडिया से बात करने के लिए बाहर आए थे। इसी दौरान फोटोग्राफर्स और प्रशंसकों की भीड़ उनके आसपास जमा हो गई और तस्वीरें तथा सेल्फी लेने की कोशिश होने लगी।

प्रार्थना सभा जैसे संवेदनशील अवसर पर फोटो और सेल्फी की होड़ को लेकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। इसी घटनाक्रम का एक छोटा हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिससे ऐसा लगा कि राजपाल यादव को ही निशाना बनाया जा रहा है। फुटेज में कहीं भी ऐसा दृश्य नहीं है जिसमें राजपाल यादव को सुरक्षा कर्मियों या परिवार के सदस्यों द्वारा जबरन बाहर निकाला गया हो। न ही कोई स्पष्ट बयान सामने आया है कि उन्हें कार्यक्रम छोड़ने के लिए कहा गया था।

प्रार्थना सभा में राजपाल यादव के अलावा पूनम ढिल्लों, राहुल रॉय और फिल्म इंडस्ट्री के कई अन्य कलाकार भी पहुंचे थे। सभी ने मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुश्ताक खान का 24 सितंबर को निधन हुआ था। उनके निधन के बाद फिल्म जगत के कई कलाकारों ने उन्हें याद किया और उनके अभिनय योगदान को लेकर श्रद्धांजलि संदेश साझा किए। प्रार्थना सभा भी इसी सिलसिले में आयोजित की गई थी। वायरल वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कई अलग-अलग दावे सामने आए, लेकिन पूरा वीडियो देखने पर यह साफ होता है कि विवाद का केंद्र राजपाल यादव नहीं बल्कि सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा एक व्यक्ति था। इसलिए यह कहना कि राजपाल यादव को मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा से ‘बेइज्जती करके निकाल दिया गया’, उपलब्ध सबूतों के आधार पर सही नहीं है। यह दावा अधूरी क्लिप और संदर्भ से बाहर शेयर किए गए वीडियो के कारण फैला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अक्सर पूरे घटनाक्रम का केवल एक हिस्सा दिखाते हैं। ऐसे मामलों में अलग-अलग एंगल से उपलब्ध फुटेज और विश्वसनीय रिपोर्टों को देखने के बाद ही निष्कर्ष निकालना जरूरी होता है। फिलहाल उपलब्ध वीडियो और रिपोर्टों के आधार पर यही निष्कर्ष सामने आता है कि राजपाल यादव को प्रार्थना सभा से नहीं निकाला गया था। वहां मौजूद एक व्यक्ति को सेल्फी लेने से रोका गया था और उसी दौरान राजपाल यादव भी कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे।

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