October 08, 2026

अपराजिता एक खूबसूरत बेलदार पौधा , जिसकी कटिंग से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।

 घर की बालकनी, छत या गार्डन को हरा-भरा और खूबसूरत बनाने के लिए लोग तरह-तरह के पौधे लगाते हैं। फूलों वाले पौधे इसमें सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि ये हरियाली के साथ रंग भी जोड़ते हैं। अक्सर लोग नए पौधे नर्सरी से खरीदते हैं, लेकिन कई पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें पुराने पौधे की कटिंग से आसानी से बढ़ाया जा सकता है। अपराजिता भी ऐसा ही एक खूबसूरत बेलदार पौधा है, जिसकी कटिंग से कई नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।

अपराजिता को इसके नीले और सफेद रंग के आकर्षक फूलों के लिए जाना जाता है। इसके फूल तितली जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए यह बालकनी और घर के छोटे गार्डन में बेहद खूबसूरत लगता है। अगर आपके घर में पहले से अपराजिता की स्वस्थ बेल लगी है, तो उसकी शाखा काटकर नया पौधा तैयार करना काफी आसान है। सही शाखा का चुनाव करें कटिंग से नया पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले एक स्वस्थ शाखा चुनना जरूरी है। ऐसी शाखा लें जो हरी हो, बहुत ज्यादा नई भी न हो और पूरी तरह सूखी या लकड़ी जैसी भी न हो।लगभग 5 से 7 इंच लंबी कटिंग पर्याप्त रहती है। कटिंग में कम से कम 3 से 4 नोड यानी गांठें होनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं जगहों से नई जड़ें और पत्तियां निकलने की संभावना रहती है।कटिंग लेते समय साफ और तेज कैंची या प्रूनर का इस्तेमाल करें। गंदे औजार से पौधे में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

नीचे की पत्तियां हटा दें शाखा काटने के बाद उसकी नीचे वाली पत्तियों को हटा दें। ऊपर की ओर 2 से 3 पत्तियां रहने दें। बहुत ज्यादा पत्तियां रहने से कटिंग से पानी जल्दी निकल सकता है और नई जड़ बनने में दिक्कत हो सकती है।अगर पत्तियां बहुत बड़ी हैं तो उन्हें हल्का काटकर छोटा भी किया जा सकता है। इससे कटिंग पर दबाव कम रहता है। मिट्टी कैसी होनी चाहिए? अपराजिता की कटिंग लगाने के लिए हल्की और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी बेहतर रहती है। बहुत भारी मिट्टी में पानी लंबे समय तक जमा रह सकता है, जिससे कटिंग सड़ सकती है।आप गार्डन मिट्टी, रेत और कोकोपीट या कम्पोस्ट को मिलाकर हल्का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना भी जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।कटिंग लगाने से पहले मिट्टी को हल्का नम कर लें। बहुत गीली मिट्टी में कटिंग न लगाएं।

कटिंग को कैसे लगाएं? अब कटिंग के निचले हिस्से को मिट्टी में लगभग 2 से 3 इंच तक दबा दें। कम से कम एक या दो नोड मिट्टी के अंदर रहने चाहिए।मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं ताकि कटिंग सीधी खड़ी रहे। लगाने के बाद थोड़ा पानी दें, लेकिन गमले को पानी से भरने से बचें।अगर चाहें तो कटिंग लगाने से पहले उसके निचले हिस्से पर रूटिंग हार्मोन लगाया जा सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है। अपराजिता की कई स्वस्थ कटिंग बिना रूटिंग हार्मोन के भी जड़ पकड़ सकती हैं

तेज धूप में तुरंत न रखें कटिंग लगाने के तुरंत बाद उसे बहुत तेज धूप में रखना सही नहीं है। शुरुआती दिनों में इसे ऐसी जगह रखें जहां तेज लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी मिले।बहुत तेज दोपहर की धूप कटिंग को सुखा सकती है। जब नई पत्तियां निकलने लगें और पौधा मजबूत दिखाई देने लगे, तब धीरे-धीरे इसे अधिक धूप वाली जगह पर रखा जा सकता है।अपराजिता का विकसित पौधा अच्छी धूप में बेहतर फूल देता है। इसलिए जड़ बनने के बाद इसे रोज कई घंटे धूप मिलना फायदेमंद रहता है। पानी देने में न करें गलती कटिंग से पौधा तैयार करते समय सबसे आम गलती ज्यादा पानी देना है।

मिट्टी हमेशा पानी से भरी रहे तो नई जड़ बनने से पहले ही तना सड़ सकता है।मिट्टी को हल्का नम रखें। ऊपर की परत थोड़ी सूखने लगे तभी पानी दें। मौसम गर्म हो तो पानी जल्दी सूख सकता है, जबकि ठंड या बरसात में पानी की जरूरत कम होती है। कब पता चलेगा कि जड़ बन गई है? सही देखभाल मिलने पर कुछ सप्ताह में कटिंग से नई पत्तियां या नई कोंपलें निकल सकती हैं। यह संकेत होता है कि कटिंग ने जड़ बनाना शुरू कर दिया है।कटिंग को बार-बार खींचकर जड़ देखने की कोशिश न करें। इससे नाजुक नई जड़ें टूट सकती हैं। नई ग्रोथ ही सबसे अच्छा संकेत है कि पौधा स्थापित हो रहा है।

बड़े गमले में कब लगाएं? जब कटिंग में कई नई पत्तियां निकल आएं और पौधा बढ़ने लगे, तब उसे बड़े गमले में ट्रांसफर किया जा सकता है। बड़े गमले में पौधे की जड़ों को फैलने के लिए ज्यादा जगह मिलती है।अपराजिता बेलदार पौधा है, इसलिए शुरुआत से ही गमले के पास जाली, ट्रेलिस, रस्सी या रेलिंग का सहारा देना अच्छा रहता है। जैसे-जैसे बेल बढ़ती है, इसे हल्के हाथ से सहारे की ओर मोड़ा जा सकता है। अच्छी ग्रोथ के लिए खाद अपराजिता को बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती, लेकिन समय-समय पर कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट देने से पौधा स्वस्थ रह सकता है।

बहुत ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद देने से पत्तियां तो खूब बढ़ सकती हैं लेकिन फूल कम आ सकते हैं। इसलिए संतुलित पोषण देना बेहतर है। कटिंग लेने का सही समय अपराजिता की कटिंग गर्म और हल्के नम मौसम में आसानी से जड़ पकड़ सकती है। बहुत ज्यादा ठंड या अत्यधिक गर्मी के दौरान कटिंग लगाने पर सफलता कम हो सकती है।सुबह के समय कटिंग लेना बेहतर रहता है, क्योंकि उस समय पौधे में नमी अच्छी होती है। काटने के बाद शाखा को लंबे समय तक खुला न छोड़ें और जल्दी मिट्टी में लगा दें। एक पौधे से तैयार हो सकते हैं कई पौधे अगर आपके पास अपराजिता की अच्छी और घनी बेल है तो एक ही पौधे से कई स्वस्थ कटिंग ली जा सकती हैं।

अलग-अलग छोटे गमलों में इन्हें लगाकर नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। बाद में इन्हें बालकनी की रेलिंग, गार्डन की जाली या घर के प्रवेश द्वार के पास लगाया जा सकता है। पर्याप्त धूप और सहारा मिलने पर अपराजिता तेजी से बेल का रूप ले सकती है और नीले या सफेद फूलों से जगह को खूबसूरत बना सकती है। कुल मिलाकर अपराजिता की कटिंग से नया पौधा तैयार करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। स्वस्थ शाखा, हल्की मिट्टी, सीमित पानी और शुरुआती दिनों में अप्रत्यक्ष रोशनी—इन कुछ बातों का ध्यान रखकर आप एक पुराने पौधे से कई नए पौधे तैयार कर सकते हैं। इससे नर्सरी से बार-बार पौधे खरीदने की जरूरत भी कम होगी और आपका बालकनी गार्डन कम खर्च में ज्यादा हरा-भरा दिखाई देगा।

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