स्टॉक मार्केट में रविता इंजीनियरिंग ने निवेशकों को किया निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद और लुढ़के शेयर
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर । ओनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, इंस्टॉलेशन, कमिशनिंग और मेंटेनेंस (ईपीआईसी) सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट लेवल पर एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 112 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 112 रुपये के स्तर पर ही हुई।
फ्लैट लिस्टिंग के बाद मंदड़ियों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे ये शेयर फिसल कर 106.40 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इसके बाद खरीदारों ने मोर्चा संभाला और लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। खरीदारी के सपोर्ट से उछल कर 112.50 रुपये के स्तर तक पहुंचा। इस स्तर पर एक बार फिर बिकवाली शुरू हो गई, जिसकी वजह से इस शेयर में दोबारा कमजोरी आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद-बिक्री के बीच दोपहर 12 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 110.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 1.10 रुपये यानी 0.98 प्रतिशत के नुकसान में थे।
इस कंपनी का 116.05 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 16 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 5.36 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 13.21 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 7.41 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,03,62,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में भारी उछाल के साथ 11.83 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 10.13 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 13.53 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से बढ़कर 109.30 करोड़ रुपये और 2025-26 में रिकॉर्ड छलांग लगाते हुए 277.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 97.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.52 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो व्यवसाय बढ़ने के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कुछ कम होकर 19.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ 30.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में बहुत तेजी से बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 3.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 15.03 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में भारी उछाल के साथ 85.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 96.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये महज 3.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़कर 15.13 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 99.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल नेटवर्थ 109.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
इसी तरह, कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़कर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 40.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 14.04 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था।