मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप से हैदराबाद की सेंट्रल जेल में बना 'जेंडर न्यूट्रल सेल'
नई दिल्ली, 05 नवंबर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के हस्तक्षेप के बाद हैदराबाद की सेंट्रल जेल प्रशासन ने अलग-अलग जेंडर पहचान और एक्सप्रेशन वाले लोगों (ट्रांसजेंडर और एलजीबीटीक्यू समुदाय) के लिए एक समर्पित 'जेंडर-न्यूट्रल सेल' का निर्माण किया है, ताकि उनकी गरिमा और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आयोग के अनुसार जेल अधिकारियों ने इस विशेष सेल में रखे जाने वाले लोगों को उनकी पसंद और पहचान के अनुरूप 'पॉजिटिव कपड़े' पहनने की भी अनुमति दे दी है। यह कदम आयोग के विशेष निरीक्षक द्वारा आठ अक्टूबर को किए गए जेल दौरे के बाद उठाया गया है।
विशेष निरीक्षक को ट्रांसजेंडर और एलजीबीटीक्यू समुदाय के अधिकारों से जुड़े मामलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। अपने दौरे के दौरान उन्होंने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए एनएचआरसी और गृह मंत्रालय की दिशानिर्देश तथा परामर्श को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया था।
हैदराबाद सेंट्रल जेल के अधीक्षक ने आयोग को अपनी अनुपालन रिपोर्ट सौंपते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएचआरसी की सिफारिशों को लागू करते हुए अलग सेल बनाने के साथ-साथ उनके पहनावे से जुड़े सकारात्मक बदलावों को भी मंजूरी दे दी गई है।
आयोग ने इस पहल को सुधारात्मक संस्थानों (जेलों) में सभी जेंडर पहचान के लोगों के बुनियादी मानवाधिकारों, आत्मसम्मान और सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।