दिल्ली 17 मार्च: मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने अपनी मुफ्त बस यात्रा योजना में ट्रांसजेंडर यात्रियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महीने की शुरुआत में योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1 लाख से ज़्यादा 'सहेली पिंक' कार्ड जारी किए जा चुके हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, "दिल्ली में आधार कार्ड रखने वाली सभी महिलाएं और ट्रांसजेंडर लोग 'सहेली पिंक' कार्ड के लिए पात्र होंगे।" इस कार्ड का इस्तेमाल करके महिला यात्री दिल्ली मेट्रो और रैपिड रेल में भी 10 प्रतिशत की छूट पा सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में ट्रांसजेंडर लोगों को शामिल करने का फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। बयान में कहा गया, "यह महत्वपूर्ण पहल रेखा गुप्ता सरकार की सामाजिक समावेश, गरिमा और समाज के सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।" बयान में आगे कहा गया कि इस फैसले का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य बिना किसी आर्थिक बाधा के पूरे शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकें।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, "सरकार एक ज़्यादा समावेशी, न्यायसंगत और दयालु दिल्ली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक गरिमा के साथ अवसरों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच बना सके।" अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा उसी पैटर्न और तंत्र पर लागू की जाएगी, जिस पर अभी दिल्ली की बसों में महिला यात्रियों के लिए मुफ्त यात्रा योजना उपलब्ध है। दिल्ली सरकार ने 'सहेली पिंक' स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पूरे शहर में 50 अधिकृत केंद्र स्थापित किए हैं। 'पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी' (PNCM) कार्ड इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लॉन्च किया गया था। गुप्ता ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिलाओं के लिए 'पिंक टिकट' के ज़रिए मुफ्त यात्रा की सुविधा अगले तीन महीनों तक जारी रहेगी, और उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे 'सहेली पिंक' कार्ड बनवाने के लिए न तो चिंता करें और न ही जल्दबाजी करें।
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