April 20, 2026

विद्या भारती दिल्ली ने सीबीएसई परीक्षा में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

नई दिल्ली, 20 अप्रैल । विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान दिल्ली प्रांत ने सत्र 2025–26 के कक्षा 10 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षा परिणामों में ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। प्रांत के महामंत्री डॉ. सतीश माहेश्वरी ने सोमवार को बताया कि इस वर्ष बिना सरकारी सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों का कुल परिणाम 98.99 प्रतिशत रहा। दिल्ली प्रांत में विद्या भारती द्वारा संचालित 12 विद्यालयों के कुल 986 विद्यार्थियों में से 78 प्रतिशत विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 60 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रांत महामंत्री ने स्थानवार परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि पंजाबी बाग, राजौरी गार्डन एवं लाजपत नगर क्षेत्रों के विद्यालयों ने 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। इसके अतिरिक्त नेहरू नगर, राजगढ़ कॉलोनी, हरि नगर, वसंत विहार, महरौली, सुल्तानपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार एवं गांधी नगर स्थित विद्यालयों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

उन्होंने तुलनात्मक अध्ययन करते हुए बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त चार विद्यालयों का समग्र परिणाम 93.40 प्रतिशत रहा। इन विद्यालयों के कुल 515 विद्यार्थियों में से 141 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि छह विद्यार्थियों ने 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर सराहनीय सफलता अर्जित की। स्थानवार परिणामों में शंकर नगर, गांधी नगर, शंकर नगर क्र. 2 एवं सुल्तानपुरी के विद्यालयों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।

प्रांत महामंत्री ने बताया कि दिल्ली प्रांत में विद्या भारती के अंतर्गत संचालित सभी विद्यालय तीन प्रमुख समितियों के माध्यम से संचालित होते हैं। समर्थ शिक्षा समिति, हिन्दू शिक्षा समिति एवं हिन्दू शिक्षा समिति (न्यास)। इन समितियों के समन्वित प्रयासों से शिक्षा की गुणवत्ता एवं संगठनात्मक सुदृढ़ता सुनिश्चित होती है।

सतीश माहेश्वरी ने कहा कि इस सफलता का श्रेय विद्यालयों की सुव्यवस्थित एवं छात्र-केंद्रित शैक्षणिक पद्धति को दिया जाता है। मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन, कमजोर विद्यार्थियों को आचार्यों द्वारा “गोद लेकर” व्यक्तिगत ध्यान देना तथा 60–75 प्रतिशत वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विषयवार विशेष कक्षाओं का संचालन इन सभी प्रयासों के साथ-साथ आचार्यों के विशेष प्रयासों के कारण दिल्ली प्रांत के किसी भी विद्यालय से एक भी छात्र अनुत्तीर्ण नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि विद्या भारती की शिक्षा पद्धति केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, राष्ट्रभक्ति एवं चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है। प्रांत के अधिकांश विद्यार्थी मध्यम एवं निम्न वर्ग से आते हैं, फिर भी वे अपने परिश्रम एवं उचित मार्गदर्शन के बल पर उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर रहे हैं।

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