May 02, 2026

योगासनों में सबसे प्रभावशाली योगासन कटिचक्रासन है। अपनाएं यह सरल योगासन

नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में दफ्तर की कुर्सी और लैपटॉप हमारी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। घंटों स्क्रीन की ओर झुककर बैठने से हमारी रीढ़ की हड्डी अपनी प्राकृतिक बनावट खोने लगती है, जिससे कंधों में जकड़न, गर्दन में दर्द और पीठ के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होने लगता है। हालांकि रोजाना योग और संतुलित आहार लेने से इसे बड़ी समस्या बनने से पहले इसको ठीक किया जा सकता है। इन्हीं योगासनों में सबसे प्रभावशाली योगासन कटिचक्रासन है। यह एक अत्यंत सरल लेकिन प्रभावशाली खड़ा होकर किया जाने वाला योगाभ्यास है, जिसमें कमर को पहिये की भांति दाईं और बाईं ओर घुमाया जाता है। इस आसन को प्रत्येक पक्ष में 3-3 बार दोहराया जा सकता है।

कटिचक्रासन एक योग है, जो तीन शब्दों से मिलकर बना है। 'कटि,' जिसका अर्थ है 'कमर'; 'चक्र,' जिसका अर्थ है 'पहिया' या 'घुमाना'; और 'आसन,' जिसका अर्थ है 'मुद्रा।' भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, कटिचक्रासन एक अत्यंत प्रभावी और सरल योगासन है, जिसे कमर को घुमाकर किया जाता है। यह मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करने और कमर क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जाना जाता है। इस आसन नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली होने के साथ कमर, पीठ और कूल्हों की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग अच्छे तरह से होती है। साथ ही, पेट की मांसपेशियां भी सक्रिय होती हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। अभ्यास से कमर दर्द, कंधों की अकड़न और थकान दूर होती है। शारीरिक और मानसिक तनाव को कम कर मन को तरोताजा करता है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, कटिचक्रासन शरीर में प्राण शक्ति के प्रवाह को बेहतर बनाता है। इससे ऊर्जा बढ़ती है और मन भी शांत रहता है। जो लोग लंबे समय तक डेस्क जॉब करते हैं, उनके लिए यह आसन काफी लाभदायक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं। हथेलियां एक दूसरे के सामने होनी चाहिए। अब सांस छोड़ते हुए धीरे धीरे कमर से बाईं ओर मोड़ें। अपने दाएं हाथ को बाएं कंधे पर रखें। बाएं हाथ को पीठ के पीछे से घुमाकर दाईं कमर की ओर लाने की कोशिश करें। अपनी गर्दन को भी बाईं ओर घुमाएं और पीछे की ओर देखें। इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। सांस भरते हुए वापस सामने की ओर आएं। इसी प्रक्रिया को दाईं ओर भी दोहराएं। हृदय रोगियों, गंभीर पीठ दर्द, हर्निया या पेट की हालिया सर्जरी के बाद इस आसन को न करें।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.