भाजपा सरकार महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं है और जानबूझकर इसे टाल रही है: अलका लांबा
शिमला, 05 मई । कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि नारी शक्ति वंदन विधेयक को बिना देरी किए संसद की सभी 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाना चाहिए।
शिमला दौरे पर पहुंचीं अलका लांबा ने महिला कांग्रेस की बैठक के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में लगातार देरी की जा रही है, जिसे अब और स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार की नीयत साफ होती तो 2014 में ही महिला आरक्षण लागू कर दिया जाता। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं है और जानबूझकर इसे टाल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह दावा करना गलत है कि महिला आरक्षण लागू हो चुका है, क्योंकि वास्तविकता में अभी तक इसे जमीन पर नहीं उतारा गया है।
महिला कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशभर में अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अलका लांबा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 लाख पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे, जिनमें महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग की जाएगी। इसके साथ ही देशभर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की आवाज इस मुद्दे पर सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि जुलाई में होने वाले मानसून सत्र के दौरान महिलाएं दिल्ली में संसद का घेराव करेंगी। यह घेराव शांतिपूर्ण तरीके से होगा, लेकिन इसका उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि वह इस कानून को लागू करने के लिए मजबूर हो।
अलका लांबा ने महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को भी शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब सभी वर्गों की महिलाओं को बराबर अवसर मिले। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना कराने की भी मांग दोहराई और कहा कि पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए, उसके बाद ही परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए।
महंगाई के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। उनका कहना था कि चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई और पेट्रोल-डीजल के दाम भी आम लोगों पर बोझ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभर में महंगाई के खिलाफ आंदोलन करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार महिला आरक्षण लागू नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी अपने स्तर पर आगामी चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देने की दिशा में काम करेगी। हिमाचल प्रदेश में इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है और 68 विधानसभा सीटों पर महिलाओं को चुनाव के लिए तैयार करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।