May 09, 2026

आखिर क्या वजह है इसकी, क्यों गर्मियों में दही जल्दी खट्टा हो जाता है?

दही का सेवन हर दिन करना चाहिए, ऐसा सभी एक्सपर्ट कहते हैं. दही में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो हड्डियों को मजबूती देता है. आपने गौर किया होगा कि दही इस सीजन में बहुत जल्दी खट्टा हो जाता है. आप मार्केट का दही लाएं या घर का जमा हुआ दही हो, अगले ही दिन इसका स्वाद खट्टा होना शुरू हो जाता है. सुबह तक स्वाद फ्रेश लगता है, लेकिन रात होते ही खट्टा, कड़वा सा लगने लगता है. आखिर क्या वजह है इसकी, क्यों गर्मियों में दही जल्दी खट्टा हो जाता है? इसका स्वाद गर्मियों में तेजी से इसलिए बदलता है क्योंकि रसायन प्रक्रिया तेज हो जाती है. टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, दही एक जीवित खाद्य पदार्थ है. यह दूध में मौजूद शुगर पर पलने वाले बैक्टीरिया द्वारा तैयार होता है. जब अधिक गर्मी होती है, तो ये जीवाणु भी तेजी से काम करते हैं, इस वजह से फर्मेंटेशन की प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है. तभी दही बहुत जल्दी खट्टा हो जाता है. हालांकि, आप इसे कुछ उपायों से खट्टा होने से बचा सकते हैं.

गर्मी में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेज क्यों होती है? दही तब बनता है, जब दूध में मौजूद नेचुरल शुगर लैक्टोज को फ्रेंडली बैक्टीरिया लैक्टिक एसिड में बदल देता है. यही एसिड दूध को गाढ़ा करता है और दही को उसका टेक्सचर, स्वाद देता है. जब मौसम ठंडा होता है तो यह प्रक्रिया काफी धीमी रफ्तार से होती है, लेकिन गर्मियों में ये प्रक्रिया काफी तेजी से होती है. जब गर्मियों में कमरे का तापमान बढ़ता है तो बैक्टीरियल एक्टिविटी भी बढ़ जाती है, इसलिए दही जल्दी से जमता है, लेकिन इसका फर्मेंटेशन प्रॉसेस भी तेजी से ही होता रहता है, बावजूद दही के जम जाने के बाद भी. इसलिए कम समय में ही हल्के से बहुत अधिक खट्टा हो जाता है. यदि आप इसे फ्रिज की बजाय कमरे के तापमान में बाहर ही छोड़ते हैं तो एसिडिटी लगातार बनती रहती है.

घर पर दही के फर्मेंटेशन को कैसे करें कंट्रोल? – आप घर पर दही जमाते हैं तो दूध में कम मात्रा में जामन डालें. एक छोटा चम्मच एक कटोरी गुनगुने दूध में जामन डालना काफी है. अधिक जामन डालने से भी कई बार दही का स्वाद खट्टा हो सकता है. -जामन की क्वालिटी पर भी ध्यान दें. फ्रेश और हल्के जमे हुए दही से आप जामन निकाल कर रख लें. पुराना या अधिक खट्टे दही से फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को तेज कर सकता है. इससे भी स्वाद प्रभावित हो सकता है. कई बार दूध से भी स्वाद और दही के जमने में फर्क पड़ सकता है. फुल क्रीम या टोंड आप जो भी दही लेते हैं, ये भी दही के स्वाद को बदल सकता है. 

टेम्परेचर कंट्रोल करना भी जरूरी है. जब आप दूध में जामन डालें तो दूध का गुनगुना होना जरूरी है. दूध बहुत गर्म न लें. दूध बहुत अधिक गर्म होगा तो फ्रेंडली बैक्टीरिया को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं, दूध बहुत ठंडा लेते हैं तो फर्मेंटेशन की प्रक्रिया सही से नहीं होगी, धीमी हो जाएगी. इससे दही अच्छी तरह से नहीं जमेगा. दही जमाने के लिए उसे गर्म वातावरण में रखें और जब जम जाए तो उसे ठंडी जगह जैसे फ्रिज में रख दें.दही का स्वाद खराब न हो, सही से फर्मेंटेशन हो तो बर्तन का चुनाव भी सही करें. साफ, सूखा और ऐसा बर्तन इस्तेमाल करें जो रासायनिक प्रतिक्रिया न करे. उसे हल्के से ढकें ताकि धूल अंदर न जाए. बर्तन को गर्म तापमान में रखते हैं देर तक पूरी तरह से ढक्कन को बंद करके न रखें. ऐसा नहीं करने से एक्स्ट्रा गर्मी फर्मेंटेशन को तेज कर सकती है.

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