संवैधानिक पद की अनदेखी पर बवाल: कोसमनारा भूमिपूजन के आमंत्रण पत्र और शिलालेख से सरपंच का नाम गायब
रायगढ़, 04 जून । जिले में आज 4 जून को जिला प्रभारी मंत्री व कृषि मंत्री रामविचार नेताम के करकमलों से प्रस्तावित उद्यानिकी महाविद्यालय भवन सह बालक एवं बालिका छात्रावास भवन ग्राम पंचायत कोसम नारा रायगढ़ के भूमि पूजन समारोह से पहले एक नया विवाद सामने आ गया है। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र एवं भूमिपूजन शिलालेख में संबंधित ग्राम पंचायत की सरपंच का नाम शामिल नहीं किए जाने पर क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से शासकीय भवन का निर्माण होने जा रहा है, वहां की निर्वाचित सरपंच का नाम न तो आमंत्रण पत्र में अतिथि के रूप में शामिल किया गया है और न ही भूमिपूजन शिलालेख में अंकित किया गया है। इसे पंचायती राज व्यवस्था तथा संवैधानिक पद की गरिमा के साथ खिलवाड़ बताया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरपंच ग्राम पंचायत की प्रथम नागरिक एवं जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्यक्रम से जुड़े औपचारिक दस्तावेजों और शिलालेख में स्थान नहीं देना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक पद का अपमान है।
मामले को लेकर क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं में प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। कार्यकर्ताओं ने इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई एवं निलंबन की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह प्रशासनिक लापरवाही है तो दोषियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और सरपंच सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों का किस प्रकार समाधान किया जाता है।