June 06, 2026

दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के उद्देश्य सेरेन वाटर हार्वेस्टिंग को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाने का निर्णय लिया है।

नई दिल्ली, 06 जून । दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के उद्देश्य से वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "कैच द रेन" अभियान की भावना को आगे बढ़ाते हुए राजधानी में जल संरक्षण को नई गति दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य हर बूंद वर्षा जल को संरक्षित कर जल-सुरक्षित दिल्ली का निर्माण करना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार वर्षा जल संचयन प्रणाली को अपनाने वाले नागरिकों और संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर लोगों को 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की रियायत देने की भी योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बढ़ती आबादी और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसे में वर्षा जल संचयन न केवल जल संकट का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि भूजल स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना बनकर न रह जाए, बल्कि यह जनआंदोलन का रूप ले।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने के इच्छुक लोगों को दिल्ली जल बोर्ड की ओर से तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। विशेषज्ञों द्वारा सिस्टम की स्थापना, डिजाइन और रखरखाव के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएग, जिससे कि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे बड़े आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत परिसरों में वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी के 75 सीएम श्री स्कूलों में बड़े स्तर पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 50 करोड़ लीटर वर्षा जल के संचयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में यह व्यवस्था स्थापित होने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विद्यार्थियों में भी पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित होगी। इससे आने वाली पीढ़ियों को जल संरक्षण के महत्व को समझने और अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिसे सुधारने के लिए वर्षा जल संचयन अत्यंत प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि लगभग 2500 वर्ग फुट की छत से वर्षभर में करीब दो लाख लीटर तक वर्षा जल का संचयन किया जा सकता है, जो भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

सरकार सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों और अन्य परिसरों में भी जल संरक्षण उपायों को लागू करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके माध्यम से जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें और वर्षा जल संचयन जैसी पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संरक्षण की दिशा में छोटा-सा प्रयास भी करे, तो राजधानी को जल संकट से बचाने में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली को जल-सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दिशा में अग्रणी शहर बनाया जा सकेगा। जल संरक्षण की यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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