June 12, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है क‍ि दुनिया भर में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।

वॉशिंगटन 11 जून: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है क‍ि दुनिया भर में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। ट्रंप ने कहा क‍ि अगर ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता अंतिम रूप ले लेता है तो यह संभव है। उनका कहना है कि मध्य पूर्व में स्थिरता बढ़ने और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों के फिर से खुलने से ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम होगा। व्हाइट हाउस में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस संभावित समझौते की खबर से बाजारों ने पहले ही सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा क‍ि शेयर बाजार 1000 अंक ऊपर गया है। इसका मतलब है कि लोगों को यह समझौता पसंद आ रहा है।

ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही नीचे आना शुरू हो गई हैं और समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इनमें और गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा क‍ि तेल की कीमतें गिर रही हैं। मुझे लगता है कि ये पहले से भी ज्यादा नीचे जा सकती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि तेल सस्ता होने से पूरी अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। उन्होंने कहा क‍ि जब तेल सस्ता होता है, तो बाकी चीजों की कीमतें भी कम होने लगती हैं। ट्रंप के मुताबिक, इस प्रस्तावित समझौते का एक अहम हिस्सा खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों को फिर से खोलना है। उन्होंने कहा क‍ि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्‍ट्रेट खुल जाएगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या समुद्री नाकेबंदी से जुड़ी पाबंदियां समझौता लागू होते ही हटा दी जाएंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, यह समझौते का हिस्सा है और इससे तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी।” ट्रंप ने कहा कि तनाव के बावजूद अमेरिका अब तक इस क्षेत्र से ऊर्जा की आपूर्ति जारी रखने में मदद करता रहा है। उन्होंने कहा क‍ि हमने बहुत सारे जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया और करोड़ों बैरल तेल इस मार्ग से भेजा गया। राष्ट्रपति ने इस समझौते को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक में स्थिरता लाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा क‍ि हमारे पास ऐसा समझौता है, जिससे ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। यह बहुत अच्छा समझौता है।

ट्रंप के अनुसार, समझौते की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इस पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने कहा क‍ि यह एक बहुत विस्तृत समझौता-पत्र है। हर कोई चाहता है कि यह पूरा हो जाए। राष्ट्रपति ने कहा कि तनाव कम होने से अमेरिकी किसानों और आम लोगों को फायदा होगा, क्योंकि ईंधन और परिवहन से जुड़े खर्च घटेंगे। भारत के लिए भी तेल की कीमतों में गिरावट काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों का सीधा असर महंगाई, सरकारी वित्तीय स्थिति और लोगों के ईंधन खर्च पर पड़ता है।

Related Post

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.