खानपान में इस्तेमाल होने वाले मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होते, बल्कि ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इसी विषय पर जनरल फिजीशियन डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर बताया है कि कुछ खास मसाले शरीर के लिए प्राकृतिक औषधि की तरह काम कर सकते हैं। डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके के अनुसार, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज और फैटी लिवर जैसी कई गंभीर समस्याओं की एक बड़ी वजह स्लो मेटाबॉलिज्म और शरीर में बढ़ने वाली इंफ्लेमेशन होती है। जब शरीर में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और सूजन (इंफ्लेमेशन) बढ़ जाती है, तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में सही खानपान और प्राकृतिक चीजों का सेवन शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है। डॉक्टर के अनुसार, कुछ खास मसाले ऐसे हैं जिन्हें अगर रोजाना के भोजन में शामिल किया जाए तो ये मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और इंफ्लेमेशन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। मसाले भारतीय रसोई का अहम हिस्सा होते हैं और सदियों से इनका उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में भी किया जाता रहा है। इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का काम करते हैं। यही कारण है कि इन्हें प्राकृतिक दवा भी माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये मसाले शरीर की पाचन प्रक्रिया को सुधारते हैं, जिससे भोजन अच्छे से पचता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही ये शरीर में जमी गंदगी और विषैले तत्वों को कम करने में भी मदद करते हैं। डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके के अनुसार, इन मसालों का नियमित और संतुलित उपयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है। इससे शरीर कई तरह की बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खानपान के कारण लोग कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपायों की ओर ध्यान देना और डाइट में छोटे-छोटे बदलाव करना काफी लाभकारी हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी मसाले या घरेलू उपाय को इलाज के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
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