June 27, 2026

वेनेजुएला में भूकंप से हज़ारों लोग लापता हैं। अंतरराष्ट्रीय बचाव दल बचे हुए लोगों की तलाश के लिए राहत-बचाव अभियान जारी

काराकास, 27 जून। वेनेजुएला में इस सप्ताह आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। अंतरिम राष्ट्रपति जॉर्ज रोड्रिगेज ने शुक्रवार को बताया कि मृतकों की संख्या 1000 के करीब पहुंच गई है, जबकि हज़ारों लोग लापता हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बचाव दल बचे हुए लोगों की तलाश के लिए राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।

फ्रांस की सरकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविज़न नेटवर्क फ्रांस 24 व अन्य मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार टीवी पर दिए भाषण में अंतरिम राष्ट्रपति ने कहा कि जैसे-जैसे बचावकर्मी ज़्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुँचे, मरने वालों की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई। हज़ारों लोगों का अभी भी कोई पता नहीं है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए बनाई गई एक वेबसाइट पर लगभग 50,000 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है, हालांकि इस आँकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार शाम को एक मिनट से भी कम समय के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आए। राजधानी कराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित तटीय शहर ला गुएरा व माेराेन सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, जहां भूकंपों से एक के बाद एक कई इमारतें ढह गईं। शुरुआती मॉडलिंग का अनुमान है कि मरने वालों की अंतिम संख्या 10,000 से 100,000 के बीच हो सकती है।

रोड्रिगेज ने ला गुएरा काे आपदा क्षेत्र घोषित किया है और कहा है कि दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और राज्य के बुनियादी ढाँचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। करीब 346 इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं, जिनमें आठ अस्पताल और वेनेजुएला रेड क्रॉस का मुख्यालय भी शामिल है। कराकस की सेवा करने वाले साइमन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ढाँचागत नुकसान के कारण बंद कर दिया गया है।

बचाव कार्यों में मदद के लिए अमेरिका, भारत, मैक्सिको, स्पेन और अल साल्वाडोर सहित कई देशों की अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमें पहुंची हैं।

संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख टॉम फ्लेचर ने मीडिया को बताया कि बुधवार शाम एक मिनट के अंतराल पर आए दो ज़बरदस्त भूकंपों के बाद 50,000 से ज़्यादा लोग लापता हैं; इन भूकंपों ने देश के उत्तरी हिस्से में कई इमारतों को ज़मींदोज़ कर दिया।

वेनेजुएला में एक सदी से भी ज़्यादा समय में आया यह सबसे भयानक भूकंप ऐसे समय में आया है जब तेल से मालामाल यह देश एक दशक से ज़्यादा समय से आर्थिक तबाही झेल रहा है। इस संकट ने अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं को खोखला कर दिया है, जिससे लाखों लोगों को देश छोड़ना पड़ा है। अमेरिका द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के छह महीने बाद भी देश एक नाज़ुक बदलाव के दौर से गुज़र रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसी (ओसीएचए) ने कहा कि बचे हुए लोगों को खोजने में मदद के लिए कम से कम 17 देशों की खोज और बचाव टीमों को जुटाया जा रहा था।

गाैरतलब है कि इसी तरह की तीव्रता वाले भूकंपों ने जनवरी, 2010 में हैती में 2 लाख से ज़्यादा और अक्टूबर 2005 में भारत के कश्मीर में 73,000 लोगों की जान ली थी।

वहीं, वेनेजुएला में आए भूकंप से मरने वाले विदेशी नागरिकाें में 28 पुर्तगाली, पांच स्पेनिश, दो ब्राज़ीलियाई, सात चीनी, एक चिली का और एक इटैलियन-वेनेज़ुएला का नागरिक शामिल था। संबंधित सरकारों के अनुसार, 85 पुर्तगाली नागरिक और 119 स्पेनिश नागरिक लापता थे या उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी।

ये भूकंप वेनेज़ुएला में आए अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंप थे। इससे पहले साल 1900 में समुद्र में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था।

Related Post

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.