जयपुर में शुरू हुआ 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
जयपुर, 01 जुलाई । जयपुर के आरआईसी में बुधवार से दो दिवसीय 29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन शुरू हो गया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तकनीक के प्रभावी उपयोग की पहल की। इसी क्रम में जन-धन, आधार और मोबाइल के जरिये बिचौलियों का दखल खत्म हुआ। डीबीटी से हर योजना का लाभ सीधे लाभार्थी के खातों में पहुंचा। डिजिटल इंडिया और यूपीआई को बढ़ावा मिला।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मार्ट परियोजना, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा, राजस्थान इनोवेशन चैलेंज का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इससे पहले उन्होंने तकनीकी सेवाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी एस कृष्णन, सचिव प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत निवेदिता शुक्ला वर्मा, शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग रवि कुमार सुरपुर, विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी सहित बड़ी संख्या में तकनीक के क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल वार्ता में शिरकत की। उन्होंने कहा की डेटा सेंटर, एआई और तकनीक से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान में महत्वपूर्ण नीतियां जारी की गई हैं। वहीं, उद्यमियों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार तैयार है।
सम्मेलन का आयोजन केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम 'विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस' रखी गई है।
2 जुलाई को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
दो दिवसीय सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, भारत सरकार के वरिष्ठ सचिव, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, 400 से अधिक शिक्षाविद, 1,100 से अधिक स्टार्टअप्स एवं उद्यमी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शोधकर्ता भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन में 6 प्लेनरी सेशन एवं 6 ब्रेकआउट सेशन आयोजित होंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गवर्नेंस, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, स्मार्ट पुलिसिंग, पब्लिक सेफ्टी, डीप टेक, वॉयस-फर्स्ट सॉल्यूशंस तथा भविष्य की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
इसके अलावा डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों एवं परियोजनाओं को सम्मेलन के दौरान 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (स्वर्ण एवं रजत) तथा एक विशेष जूरी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।