July 06, 2026

स्टॉक मार्केट में एडॉन एग्रो की मजबूत शुरुआत, लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

नई दिल्ली, 06 जुलाई । ड्राइफ्रूट्स, नट्स, बेरीज और सीड्स के कारोबार में लगी कंपनी एडॉन एग्रो कमोडिटीज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मजबूत एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 70 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 11.79 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 78.25 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण थोड़ी देर में ही कंपनी के शेयर उछल कर 82.16 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के काराबोर में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12.16 रुपये यानी 17.37 प्रतिशत का फायदा हो गया।

कंपनी का 44.03 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 जून से एक जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 22.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.41 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.84 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 62.90 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एडॉन एग्रो कमोडिटीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को नौ लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 21.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 22.33 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 72.92 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 103.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 287.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी पर 6.96 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में कर्ज का बोझ घट कर 4.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 10.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 26 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 12.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 36.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 16 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 30.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 47 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.84 करोड़ रुपये और 2024-25 में 10.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 31.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.