July 08, 2026

सब्सक्रिप्शन के लिए खुला कुसुमगर लिमिटेड का आईपीओ, 10 जुलाई तक लगाई जा सकती है बोली

नई दिल्ली, 08 जुलाई । इंजीनियरिंग फैब्रिक्स और एयरोस्पेस एवं डिफेंस सॉल्यूशंस का निर्माण करने वाली कंपनी कुसुमगर लिमिटेड का 650 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 10 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 13 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 14 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 15 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 11:30 बजे तक ये आईपीओ 1.01 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 398 रुपये से लेकर 419 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 35 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 35 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,665 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,90,645 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 455 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,55,13,126 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कुसुमगर लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 84.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 111.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 98.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 474.55 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 790.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में गिरावट आई। इस साल कंपनी को 711.78 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सका।

कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी इस दौरान उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 76.53 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 246.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली गिरावट के साथ 223.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 138.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 247.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 491.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 140.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 257.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने जोरदार छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 502.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 131.85 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 188.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए मामूली गिरावट के साथ 187.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.