July 09, 2026

बलरामपुर : जीआई टैग और ओडीओपी पर बनेगी कार्ययोजना

बलरामपुर, 09 जुलाई। बलरामपुर जिले के कृषि और संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने, किसानों की आय बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने एग्री एलाइड विभागों की बैठक में अधिकारियों को जीआई टैग और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक की जानकारी गुरुवार को जिला प्रशासन ने दी।

बैठक में कलेक्टर ने ओडीओपी के तहत चयनित उत्पादों को बढ़ावा देने और जिले के विशिष्ट कृषि एवं स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों को संभावित उत्पादों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और नई पहचान मिल सके।

खरीफ सीजन और अल नीनो की संभावित स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा दलहन, तिलहन और कम अवधि वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चलगली, रघुनाथनगर, चांदो और राजपुर क्षेत्र में किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।

बैठक में पीएम आशा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की खरीदी की जानकारी दें, ताकि वे अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ा सकें।

कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पंजीयन की विकासखंडवार समीक्षा करते हुए जिले के सभी किसानों का पंजीयन प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष धान बेच चुके किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीयन पहले सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, पोषक अनाज योजना तथा अन्य कृषि योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को पात्र किसानों को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा सहकारी समितियों में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान फलदार पौधों के रोपण, एकीकृत बागवानी मिशन और सूक्ष्म सिंचाई योजना के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। वहीं पशुधन विकास विभाग की समीक्षा में पशुपालकों के लिए क्लस्टर विकसित करने, कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति बढ़ाने और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.