बरसात में जंगली पुटू खाने से बचें, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
बलरामपुर, 08 जुलाई । स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में मिलने वाले जंगली पुटू (मशरूम) के सेवन को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने आज बुधवार को कहा कि अज्ञात या बिना पहचान वाले जंगली मशरूम खाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जिले के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बरसात के दौरान बड़ी संख्या में जंगली पुटू उगते हैं। इन्हें खाने योग्य समझकर सेवन करने से लोगों के बीमार होने और अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं सामने आई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जंगली पुटू खाने के 30 मिनट से 6 घंटे के भीतर उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, चक्कर आना और अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में लीवर और किडनी प्रभावित होने, बेहोशी, चेतना में कमी और दौरे पड़ने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसका जोखिम अधिक रहता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात या बिना पहचान वाले जंगली पुटू या मशरूम का सेवन न करें। केवल प्रमाणित और सुरक्षित मशरूम का ही उपयोग करें तथा पुराने अनुभव या अनुमान के आधार पर जंगली मशरूम खाने से बचें।
उन्होंने कहा कि यदि जंगली पुटू खाने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पीलापन, बेहोशी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में तुरंत उपचार कराएं।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से इस जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है, ताकि जंगली मशरूम के सेवन से होने वाली विषाक्तता और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।