August 05, 2026

AI बदल सकता है विकासशील देशों की तस्वीर, 10 साल में मिल सकती है 100 साल की प्रगति: विश्व बैंक रिपोर्ट

AI  विकासशील देशों को वह आर्थिक और सामाजिक प्रगति एक दशक में हासिल करने का अवसर दे सकती है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में पूरा करने में एक सदी तक का समय लग सकता है। हालांकि, इसके लिए सरकारों को बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कौशल विकास और संस्थागत क्षमता से जुड़ी कमियों को तेजी से दूर करना होगा। यह बात विश्व बैंक की ‘वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026: द प्रॉमिस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ में कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन दशकों के सबसे कमजोर आर्थिक वृद्धि दौर से गुजर रहे विकासशील देशों के लिए AI आर्थिक विकास को गति देने और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का बड़ा अवसर बन सकता है।

विश्व बैंक का अनुमान है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5 प्रतिशत नौकरियां ही जनरेटिव AI के कारण स्वचालन के जोखिम में हैं, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा 14.2 प्रतिशत है। वहीं, AI विकासशील देशों में 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता बढ़ा सकता है, जो उच्च आय वाले देशों के 18.7 प्रतिशत के करीब है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील देशों में AI का सबसे बड़ा लाभ कर्मचारियों की जगह लेने के बजाय उनकी क्षमता बढ़ाने में है।

विश्व बैंक समूह के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमित गिल ने कहा कि AI विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है और उन्हें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन देशों को AI से लाभ उठाने के लिए बड़े डेटा सेंटर या अत्याधुनिक AI मॉडल की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित किफायती AI समाधान स्वास्थ्य, शिक्षा, न्यायिक सेवाओं और कृषि जैसे क्षेत्रों में लाखों लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कई विकासशील देशों में सरकारें और निजी क्षेत्र पहले से ही AI का उपयोग सूचना विश्लेषण, पूर्वानुमान, निर्णय लेने और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कर रहे हैं। AI डॉक्टरों को बेहतर निदान, किसानों को फसल संबंधी निर्णय, व्यवसायों को उत्पादकता बढ़ाने तथा सरकारों को कर प्रशासन, सामाजिक कल्याण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में सुधार करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि AI के लाभ स्वतः सुनिश्चित नहीं हैं। वर्तमान में उन्नत AI तकनीक कुछ ही देशों और कंपनियों तक सीमित है, जबकि कई विकासशील देश बिजली, डिजिटल बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, स्थानीय डेटा, प्रशिक्षित मानव संसाधन और प्रभावी संस्थागत ढांचे की कमी से जूझ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि समय रहते उचित नीतिगत कदम नहीं उठाए गए तो AI देशों के बीच विकास असमानता बढ़ा सकता है, समाज में आर्थिक विषमता को गहरा कर सकता है, बाजार में एकाधिकार की स्थिति पैदा कर सकता है तथा गोपनीयता, सुरक्षा और सामाजिक विश्वास से जुड़ी नई चुनौतियां भी सामने ला सकता है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व बैंक ने चरणबद्ध रणनीति अपनाने की सिफारिश की है। इसके तहत पहले मौजूदा AI तकनीकों को अपनाने, फिर उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालने और अंततः आवश्यक बुनियादी क्षमताएं विकसित होने के बाद उन्नत AI अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026 के निदेशक गौरव नैय्यर ने कहा कि सही दिशा में कदम उठाने का अवसर सीमित समय के लिए है। उनके अनुसार, जो देश अभी से विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, डिजिटल कनेक्टिविटी, मानव संसाधन विकास और मजबूत संस्थागत व्यवस्था में निवेश करेंगे, वे AI का उपयोग आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

रिपोर्ट में कंप्यूटिंग अवसंरचना तक बेहतर पहुंच, स्थानीय भाषाओं में डेटा की उपलब्धता, AI परियोजनाओं के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन और स्पष्ट खरीद (प्रोक्योरमेंट) व्यवस्था विकसित करने की भी सिफारिश की गई है। साथ ही, सरकारों से जिम्मेदार AI उपयोग को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ स्वैच्छिक मानकों को अपनाने और मौजूदा कानूनों के माध्यम से संभावित जोखिमों का समाधान कर सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने का आग्रह किया गया है।

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