त्वचा की देखभाल के लिए लोग अक्सर विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों में इसे चेहरे पर लगाने से लेकर दाग-धब्बे और झुर्रियां कम करने तक के दावे किए जाते हैं। विटामिन ई एक फैट-सॉल्युबल एंटीऑक्सीडेंट है और कॉस्मेटिक उत्पादों में लंबे समय से इस्तेमाल होता रहा है। हालांकि, त्वचा पर सीधे विटामिन ई कैप्सूल का तेल लगाने के हर दावे के पीछे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
विटामिन ई कैप्सूल त्वचा के लिए क्यों इस्तेमाल किया जाता है? विटामिन ई को एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग त्वचा की नमी बनाए रखने वाले कई कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है। सही फॉर्मूलेशन में यह त्वचा की देखभाल का हिस्सा हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कैप्सूल को सीधे चेहरे पर लगाने से हर व्यक्ति को समान फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा पर विटामिन ई के इस्तेमाल को लेकर कई संभावित फायदे बताए जाते हैं, लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाले क्लिनिकल अध्ययनों की संख्या सीमित है। इसलिए इसे किसी बीमारी या त्वचा की समस्या का पक्का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
चेहरे पर विटामिन ई कैप्सूल लगाने का सही तरीका अगर कोई व्यक्ति विटामिन ई कैप्सूल को त्वचा पर लगाने की कोशिश करना चाहता है, तो सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है। सबसे पहले कैप्सूल के अंदर मौजूद तेल की थोड़ी मात्रा को हाथ या कान के पीछे छोटे हिस्से पर लगाकर देखें। लालिमा, खुजली, जलन या सूजन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें। यदि कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, तो साफ त्वचा पर बहुत थोड़ी मात्रा लगाई जा सकती है। इसे आंखों के आसपास, खुले घाव, कटे या संक्रमित हिस्से पर बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं लगाना चाहिए। कैप्सूल को फोड़कर निकला तेल बहुत गाढ़ा हो सकता है और कुछ लोगों की त्वचा पर भारी या चिपचिपा महसूस हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विटामिन ई कैप्सूल खाने के लिए बना है या त्वचा पर लगाने के लिए, यह उत्पाद के लेबल पर निर्भर करता है। हर कैप्सूल को कॉस्मेटिक उपयोग के लिए तैयार नहीं किया जाता। इसलिए चेहरे पर लगाने से पहले उत्पाद की सामग्री और उपयोग संबंधी निर्देश जरूर पढ़ें। विटामिन ई से बताए जाने वाले संभावित फायदे विटामिन ई को त्वचा के लिए एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह त्वचा की देखभाल करने वाले कुछ उत्पादों में नमी बनाए रखने और त्वचा को कंडीशन करने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाता है। इससे त्वचा कुछ लोगों को मुलायम और कम रूखी महसूस हो सकती है।
हालांकि, दाग-धब्बे, झुर्रियां या मुंहासों के निशान पूरी तरह खत्म करने का दावा वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है। खासतौर पर पुराने या सर्जरी के निशान पर अकेले विटामिन ई के इस्तेमाल को लेकर उपलब्ध शोध मजबूत नहीं है। क्या विटामिन ई से निशान और दाग मिट जाते हैं? यह सबसे आम सवाल है। कई लोग सर्जरी, चोट या मुंहासों के निशान पर विटामिन ई लगाते हैं। लेकिन वैज्ञानिक समीक्षा में इसके प्रभाव को लेकर पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं। एक व्यवस्थित समीक्षा में पाया गया कि टॉपिकल विटामिन ई अकेले इस्तेमाल करने से निशान की सुंदरता में स्पष्ट लाभ साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। कुछ अध्ययनों में उल्टा खुजली, रैश और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी समस्याएं भी सामने आईं। एक पुराने क्लिनिकल अध्ययन में भी विटामिन ई लगाने से निशान की कॉस्मेटिक स्थिति में फायदा नहीं मिला और कुछ लोगों में कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस विकसित हुआ। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का उद्देश्य सर्जरी या चोट के बाद बने निशान को कम करना है, तो डॉक्टर या त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प है। किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए? बहुत संवेदनशील त्वचा, एलर्जी की प्रवृत्ति या पहले किसी कॉस्मेटिक उत्पाद से रिएक्शन हो चुका हो तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के विटामिन ई कैप्सूल चेहरे पर नहीं लगाना चाहिए। जलन, लाल चकत्ते, खुजली या सूजन होने पर तुरंत इस्तेमाल रोक दें। इसके अलावा, सक्रिय मुंहासे, संक्रमित त्वचा या खुले घाव पर घरेलू प्रयोग करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है। कितनी मात्रा और कितनी बार लगाएं? विटामिन ई कैप्सूल को चेहरे पर लगाने की कोई एक सार्वभौमिक, वैज्ञानिक रूप से स्थापित मात्रा या आवृत्ति नहीं है। अलग-अलग उत्पादों में विटामिन ई की मात्रा और फॉर्म अलग हो सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर बताए गए किसी निश्चित डोज को सभी लोगों के लिए सही मानना उचित नहीं है।
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