प्रधानमंत्री जन धन योजना ने आज 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में इसी दिन किया था। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 59 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें कुल 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।
विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल के रूप में, यह योजना सभी भारतीयों के लिए बैंकिंग तक पहुंच को लगातार नया रूप दे रही है। प्रति खाता औसत जमा राशि 5,356 रुपये है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत, 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं, और लगभग 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के स्वामित्व में हैं। जन धन खाताधारकों को 41 करोड़ से अधिक रुपे कार्ड जारी किए गए हैं। इस योजना ने लाखों लोगों, विशेष रूप से वंचित वर्गों को, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करके उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद की है।
जन-धन-आधार-मोबाइल (JAM) की त्रिमूर्ति, जिसके केंद्र में प्रधानमंत्री जन धन योजना है, वित्तीय सहायता के प्रत्यक्ष वितरण के लिए एक अचूक तंत्र साबित हुई है। प्रधानमंत्री जन धन योजना जैसी पहलों के कारण, भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक 2018 में 53.9 से बढ़कर 2026 में 67 हो गया है, जो ऋण, बीमा, बचत और डिजिटल भुगतान तक व्यापक पहुंच को दर्शाता है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल के रूप में, यह योजना लाखों वंचित नागरिकों के लिए बैंकिंग तक पहुंच को नए सिरे से परिभाषित कर रही है।
hindnesri24news@gmail.com
© Hind Kesari24. All Rights Reserved.