September 01, 2026

7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का जिक्र करते हुए देशवासियों से स्वदेशी को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने जरूरत न होने पर सोना खरीदने से बचने, विदेश यात्रा कम करने और विदेश में शादी के बजाय देश में ही शादी करने की बात कही। पीएम मोदी ने बताया कि घरेलू खर्च बढ़ने से भारतीय कारोबार, पर्यटन और रोजगार को फायदा मिल सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की मजबूत आर्थिक विकास दर का जिक्र करते हुए देशवासियों से ऐसी आदतें अपनाने की अपील की है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके। उन्होंने एक वीडियो संदेश में 7.8 प्रतिशत की विकास दर को देशवासियों की मेहनत, संकल्प और सामूहिक शक्ति का परिणाम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध, आर्थिक संकट और सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानियों के बावजूद भारत ने तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इसी संदर्भ में उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि अगर जरूरत नहीं है तो सोना खरीदने से बचें। इसके साथ ही उन्होंने विदेश घूमने के बजाय भारत के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने और विदेश में शादी करने के बजाय देश में ही विवाह समारोह आयोजित करने की बात कही। सोना खरीदने से बचने की अपील क्यों की? पीएम मोदी की सोना न खरीदने वाली अपील के पीछे आर्थिक कारण भी जुड़े हुए हैं। भारत अपनी घरेलू जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से सोना आयात करके पूरा करता है। सोने के आयात के लिए देश को विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। प्रधानमंत्री का संदेश इसी बात पर केंद्रित था कि अनावश्यक आयात को कम करने से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है। उनका जोर इस बात पर है कि देश की जरूरतों और खर्च की आदतों में स्वदेशी विकल्पों को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने स्वदेशी को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि लोगों को अपने खर्च के बारे में भी इस तरह सोचना चाहिए कि उसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिले। इसके लिए स्थानीय उत्पादों और देश के भीतर उपलब्ध सेवाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग पर भी PM मोदी का जोर प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा और विदेश में शादी के खर्च का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि जब भारतीय लोग विदेश में घूमने जाते हैं या वहां बड़े स्तर पर शादी समारोह आयोजित करते हैं, तो उस पर खर्च होने वाली रकम का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था में चला जाता है।

इसके उलट अगर यही पैसा भारत में खर्च किया जाए तो इसका लाभ देश के कई क्षेत्रों को मिल सकता है। भारत में शादी होने पर होटल, कैटरिंग, परिवहन, सजावट, कपड़े और अन्य सेवाओं से जुड़े कारोबारों को काम मिलता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसी तरह देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने से होटल, ट्रांसपोर्ट, रेस्टोरेंट और स्थानीय व्यापारियों को फायदा पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य घरेलू खर्च को बढ़ाना और देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। आत्मनिर्भर भारत को लेकर PM मोदी का संदेश पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक वृद्धि को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश को अपनी आर्थिक ताकत और घरेलू मांग को मजबूत बनाए रखना होगा। उन्होंने 7.8 प्रतिशत की विकास दर को भारत के लोगों की मेहनत और क्षमता का प्रमाण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में देशवासियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उनके मुताबिक, अगर लोग स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं और देश के भीतर ज्यादा खर्च करते हैं तो इसका सीधा फायदा घरेलू कारोबार को मिल सकता है। विपक्ष पर भी पीएम मोदी का निशाना प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश के दौरान देश की आर्थिक उपलब्धियों को लेकर निराशा फैलाने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत आर्थिक विकास के नए आंकड़े हासिल कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ कुछ लोग लोगों को भ्रमित करने के लिए झूठ और निराशा का सहारा ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में भी 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक आंकड़े देश के मजबूत आत्मविश्वास को दिखाते हैं। उनके इस बयान को विपक्ष की ओर से सरकार और अर्थव्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब के तौर पर देखा गया। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, युद्ध जैसी परिस्थितियों और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुश्किलों के बावजूद भारत ने आर्थिक विकास की गति बनाए रखी है। देश के भीतर खर्च बढ़ाने पर PM मोदी का जोर प्रधानमंत्री की पूरी अपील का केंद्र देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर रहा। उनका संदेश है कि अगर भारतीय नागरिक अपने खर्च का अधिक हिस्सा देश के भीतर ही करते हैं तो इसका फायदा स्थानीय कारोबार और सेवा क्षेत्र को मिलेगा। विदेशों में होने वाला खर्च विदेशी अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंचता है, जबकि वही खर्च भारत में होने पर कई अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां पैदा कर सकता है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री ने पर्यटन से लेकर शादी और सोने की खरीद तक को स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के व्यापक विचार से जोड़ा। पीएम मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को देशवासियों की मेहनत का परिणाम बताया और इस रफ्तार को आगे बनाए रखने की अपील की। उनका संदेश साफ है कि सरकार के प्रयासों के साथ आम लोगों की खरीदारी और खर्च से जुड़े फैसले भी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।

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