September 05, 2026

जौहर विवाद पर आमने सामने मैथिली ठाकुर और स्वरा भास्कर

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' में दिखाए गए जौहर के दृश्य को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अब लोक गायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने स्वरा के बयान की कड़ी आलोचना की है। मैथिली ने इसे 'बहुत ही भद्दी बात' बताते हुए कहा कि अगर किसी विषय की पूरी समझ नहीं है तो उस पर बोलने से पहले अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए। उन्होंने यह प्रतिक्रिया 4 सितंबर को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दी।

पहले पूरी पढ़ाई करें फिर बोलें' मैथिली ठाकुर ने स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस आत्मविश्वास के साथ इस तरह की बात कही गई, वह उन्हें ठीक नहीं लगी। उनका कहना था कि संवेदनशील ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर टिप्पणी करने से पहले उससे जुड़ी पूरी जानकारी होनी चाहिए। मैथिली ने कहा, “ये बहुत ही भद्दी बात थी।” उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी को इन चीजों की समझ नहीं है तो उसे बोलने से बचना चाहिए या पहले विषय की पूरी पढ़ाई करनी चाहिए।

आखिर स्वरा भास्कर ने क्या कहा था? विवाद की जड़ फिल्म 'पद्मावत' का क्लाइमेक्स है, जिसमें जौहर का दृश्य दिखाया गया है। स्वरा भास्कर ने 2018 में फिल्म की रिलीज के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को एक खुला पत्र लिखकर इस दृश्य के चित्रण पर आपत्ति जताई थी। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उसी मुद्दे पर दोबारा अपनी बात रखी। स्वरा का तर्क था कि फिल्म में जौहर के चित्रण को देखकर उनके मन में यह सवाल उठा कि ऐसा दृश्य यौन हिंसा से बची महिलाओं को क्या संदेश देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला की गरिमा उसके जीवित रहने के अधिकार से अधिक महत्वपूर्ण मानी जानी चाहिए।

स्वरा ने दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया के जरिए सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। स्वरा के मुताबिक उन्होंने न तो रानी पद्मावती को 'कायर' कहा और न ही जौहर करने वाली दूसरी महिलाओं के लिए ऐसी टिप्पणी की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका सवाल इस बात को लेकर था कि फिल्म में जौहर के दृश्य का चित्रण किसी रेप सर्वाइवर को कैसा संदेश दे सकता है। स्वरा का कहना था कि उनकी टिप्पणी का संदर्भ इसी सामाजिक सवाल से जुड़ा था।

2018 से चल रहा है विवाद 'पद्मावत' जनवरी 2018 में रिलीज हुई थी। फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती, शाहिद कपूर ने महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था। फिल्म की रिलीज के समय भी जौहर के चित्रण को लेकर दो अलग-अलग मत सामने आए थे। एक पक्ष ने इसे ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संदर्भ और आक्रमण के समय महिलाओं के सामने मौजूद परिस्थितियों से जोड़कर देखा, जबकि स्वरा समेत आलोचकों ने सवाल उठाया कि बड़े पर्दे पर इस दृश्य को जिस तरह पेश किया गया, उससे आत्मदाह के महिमामंडन जैसा संदेश तो नहीं जाता। यह बहस अब स्वरा की हालिया टिप्पणी के बाद फिर सुर्खियों में है। मैथिली ठाकुर के बयान से फिर गरमाया मामला मैथिली ठाकुर की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में और चर्चा में आ गया है। मैथिली ने स्वरा की टिप्पणी को इतिहास और उस समय की परिस्थितियों की पर्याप्त समझ के बिना दिया गया बयान माना। दूसरी ओर स्वरा अपने रुख पर कायम हैं कि उनकी आलोचना जौहर करने वाली महिलाओं की नहीं बल्कि फिल्म में उस दृश्य के प्रस्तुतिकरण और उससे निकलने वाले संदेश की थी। फिलहाल 'पद्मावत' के रिलीज होने के आठ साल बाद भी इसका जौहर दृश्य बहस का विषय बना हुआ है। स्वरा भास्कर और मैथिली ठाकुर के अलग-अलग नजरिए ने इतिहास, सिनेमा और महिलाओं के सम्मान तथा जीवन के अधिकार को लेकर पुरानी बहस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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