September 30, 2026

गोयल ने अमेरिकी विनिर्माताओं को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

वाशिंगटन, 30 सितंबर। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल ने विस्कॉन्सिन के मिल्वौकी में जी-20 व्यापार बैठक से इतर अमेरिकी विनिर्माताओं को भारत में निवेश और उन्नत विनिर्माण में सहयोग के लिए आमंत्रित किया । गोयल ने ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में लिखा कि ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स’ (एनएएम) की बैठक में उन्होंने भारत और अमेरिका आर्थिक संबंधों में मजबूत गति के साथ भारत के बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल को रेखांकित किया।

उन्होंने मंगलवार देरशाम विस्कॉन्सिन के मिल्वॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर ‘एनएएम के द्वारा आयोजित कारोबारी गोलमेज बैठक को संबोधित किया, जिसमें पूरे अमेरिका से छोटे और बड़े मैन्युफ़ैक्चरर्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। गोयल देर शाम अमेरिका के शिकागो पहुंचे।

वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री अपने संबोधन में भारत और अमेरिका के मजबूत आर्थिक संबंधों के साथ-साथ भारत के बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल यानी कर्मचारियों की संख्या पर जोर दिया। उन्होंने अमेरिकी निर्माताओं को भारत में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने, भारतीय एसएमई के साथ साझेदारी करने और एडवांस्ड मैन्युफ़ैक्चरिंग में मिलकर निवेश करने के मौकों को तलाशने के लिए आमंत्रित किया, ताकि एक मजबूत सप्लाई चेन बनाई जा सके और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैल्यू पैदा की जा सके।

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कारोबारी गोलमेज बैठक और एनएएम द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में जी20 व्यापार मंत्रियों के साथ हिस्सा लिया। जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर आज चर्चा होगी। इस बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बंधुआ मजदूरी को खत्म करने से लेकर संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और अतिरिक्त उत्पादन से निपटना शामिल है। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा आईईईपीए के तहत लगाए गए शुल्कों को रद्द किए जाने के बाद अमेरिका इन दो शुल्क संबंधी उपायों का इस्तेमाल कर रहा है।

जी20 देशों का समूह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें दुनिया की प्रमुख विकसित एवं उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए शामिल होती हैं। अमेरिका के पास 2026 में जी20 की अध्यक्षता है। इसके सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मिल्वॉकी, अमेरिका का एक प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र भी है। यहां खाद्य एवं पेय, मशीनरी विनिर्माण, ऊर्जा तथा जल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की कई बड़ी कंपनियों के मुख्यालय हैं।

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