अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर करीब 4 प्रतिशत तक चढ़ गए। शेयरों में यह तेजी उस समय आई जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड पर विचार करने के लिए बोर्ड बैठक की तारीख घोषित की। कंपनी का बोर्ड 8 अक्टूबर 2026 को बैठक करेगा, जिसमें अंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर वेदांता का शेयर बढ़त के साथ खुला। कारोबार के दौरान यह ₹264.90 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया, जो करीब 4 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। सुबह के कारोबार में कंपनी के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली और बड़ी मात्रा में शेयरों का कारोबार हुआ। बाजार में निवेशकों की नजर अब 8 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक पर टिक गई है। कंपनी द्वारा एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इक्विटी शेयरों पर पहले अंतरिम डिविडेंड की घोषणा के प्रस्ताव पर विचार करेगा। यदि बोर्ड डिविडेंड को मंजूरी देता है तो पात्र शेयरधारकों को इसका लाभ मिलेगा। कंपनी ने इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी जिन निवेशकों के नाम तय नियमों के तहत रिकॉर्ड डेट पर पात्र शेयरधारकों की सूची में होंगे, वे घोषित डिविडेंड पाने के अधिकारी होंगे।
यह डिविडेंड इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अप्रैल 2026 में डिमर्जर प्रभावी होने के बाद वेदांता की ओर से यह पहला अंतरिम डिविडेंड होगा। कंपनी ने अपने कारोबारों को अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया पूरी की थी। डिमर्जर के लिए 30 अप्रैल 2026 रिकॉर्ड डेट तय की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत पात्र वेदांता शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक वेदांता शेयर के बदले डिमर्ज की गई पांच कंपनियों में एक-एक शेयर आवंटित करने की व्यवस्था की गई थी।
वेदांता अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी ने कई अंतरिम डिविडेंड घोषित किए थे। मार्च 2026 में बोर्ड ने ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹11 का तीसरा अंतरिम डिविडेंड मंजूर किया था। इसके साथ वित्त वर्ष 2025-26 में कुल घोषित डिविडेंड ₹34 प्रति शेयर हो गया था। ऐसे में निवेशकों के बीच अब इस बात को लेकर उत्सुकता है कि 8 अक्टूबर की बैठक में बोर्ड कितने रुपये प्रति
शेयर के डिविडेंड को मंजूरी देता है। फिलहाल कंपनी ने केवल बैठक और रिकॉर्ड डेट की जानकारी दी है। डिविडेंड की राशि का आधिकारिक ऐलान बोर्ड बैठक के बाद ही सामने आएगा। बाजार विशेषज्ञों की नजर भी वेदांता के शेयर की चाल पर बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर पिछले कुछ समय से एक दायरे में कारोबार कर रहा है। हाल के दिनों में इसमें निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली है। तकनीकी रूप से ₹249 के आसपास के स्तर को महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर ₹270 और ₹290 के आसपास के स्तर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजार में तकनीकी स्तर बाजार परिस्थितियों के हिसाब से बदल सकते हैं। वेदांता का कारोबार प्राकृतिक संसाधनों और धातु क्षेत्र के कई सेगमेंट में फैला हुआ है।
कंपनी के निवेशक संबंध पोर्टल के मुताबिक, समूह का फोकस प्राकृतिक संसाधन कारोबार में निवेश बढ़ाने, शेयरधारकों को मूल्य देने और दीर्घकालिक विकास पर है। कंपनी समय-समय पर निवेशकों को वित्तीय परिणामों, डिविडेंड और अन्य कॉर्पोरेट फैसलों की जानकारी देती रहती है। डिविडेंड निवेशकों के लिए कंपनी की ओर से मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों में बांटने का तरीका होता है। हालांकि, डिविडेंड का ऐलान कंपनी की वित्तीय स्थिति, नकदी प्रवाह, निवेश योजनाओं और बोर्ड के फैसले पर निर्भर करता है। इसलिए केवल रिकॉर्ड डेट घोषित होने से डिविडेंड की रकम तय नहीं मानी जाती।
अंतिम फैसला बोर्ड बैठक में ही होगा। वेदांता के मामले में 8 अक्टूबर की बैठक निवेशकों के लिए अहम रहने वाली है। डिमर्जर के बाद पहला अंतरिम डिविडेंड होने के कारण बाजार की नजर बोर्ड के फैसले पर रहेगी। अगर डिविडेंड को मंजूरी मिलती है तो 14 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट के आधार पर पात्रता तय होगी। फिलहाल डिविडेंड की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और इसी का असर मंगलवार को कंपनी के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी के रूप में दिखाई दिया।
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