October 06, 2026

झारखंड में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अब बड़ी जरूरत बन गई है।

रांची: झारखंड में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अब बड़ी जरूरत बन गई है। ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले लाखों उपभोक्ताओं की गैस सिलेंडर बुकिंग प्रभावित हो रही है। राज्य में इंडियन ऑयल के करीब 38 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 71 प्रतिशत का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद 11 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की प्रक्रिया अभी लंबित है। 30 सितंबर के बाद से बिना ई-केवाईसी वाले कई ग्राहकों को IVRS, पंजीकृत मोबाइल नंबर और गैस कंपनियों के ऐप के जरिए सिलेंडर बुक करने में परेशानी आ रही है। ई-केवाईसी पूरा होने के बाद ही उनकी सामान्य बुकिंग सेवा दोबारा शुरू हो रही है। इसी वजह से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है।

रांची में 1.66 लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी लंबित रांची जिले में इंडियन ऑयल, भारत गैस और एचपी गैस के कुल करीब 7.25 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें लगभग 77 प्रतिशत ने ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, जबकि करीब 1.66 लाख उपभोक्ता अभी भी इससे वंचित हैं। यही वजह है कि शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। रांची में इंडियन ऑयल के करीब 4.71 लाख, भारत गैस के 1.51 लाख और एचपी गैस के करीब 1.03 लाख उपभोक्ता बताए गए हैं। एजेंसी संचालकों के मुताबिक बुकिंग रुकने के बाद ऐसे ग्राहक बड़ी संख्या में सीधे एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिन्होंने पहले ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की थी।

ई-केवाईसी के लिए क्या चाहिए? ई-केवाईसी की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल है। उपभोक्ता को गैस एजेंसी में निर्धारित फॉर्म के साथ आधार कार्ड, एलपीजी कंज्यूमर नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर देना होता है। सामान्य स्थिति में प्रक्रिया एक दिन के भीतर पूरी हो सकती है। इसके बाद गैस सिलेंडर की बुकिंग सामान्य तरीके से फिर शुरू हो जाती है। झारखंड के कई अन्य जिलों में भी ऐसी ही स्थिति सामने आई है। हजारीबाग, सिमडेगा, चतरा और लातेहार में गैस एजेंसियों पर ई-केवाईसी कराने के लिए ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है। कुछ स्थानों पर सर्वर या इंटरनेट की धीमी गति के कारण भी उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है।

रामगढ़ में भी बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। वहीं कोडरमा में कुछ एजेंसियों ने बताया है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों को घरेलू सब्सिडी वाली दर के बजाय बाजार दर पर सिलेंडर लेने का विकल्प मिल सकता है। नियम और उपलब्ध विकल्प एजेंसी तथा कनेक्शन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी करा लें। इससे सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी में आने वाली परेशानी से बचा जा सकेगा।

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