October 06, 2026

फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

नैनीताल। फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लंबे वीकेंड के दौरान हालात ऐसे बने कि कैंची धाम और आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह ट्रैफिक रेंगता रहा और आम लोगों के साथ बुजुर्गों, मरीजों तथा एम्बुलेंस को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर भीड़ और जाम के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।

कैंची धाम नीब करौरी बाबा से जुड़ा प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है और यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाल के दिनों में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा के बाद इस धाम को लेकर लोगों की रुचि और बढ़ी है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक भीड़ बढ़ने की एक वजह 2 अक्टूबर से शुरू हुआ लंबा वीकेंड भी रहा। सामान्य दिनों की तुलना में इस दौरान रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

शनिवार और रविवार को कैंची धाम की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी दबाव देखने को मिला। हल्द्वानी, भवाली और नैनीताल की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जिस सफर में आम तौर पर दो से तीन घंटे लगते हैं, उसे पूरा करने में कई घंटे लग गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक प्लान लागू किया और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कोशिश की।

सबसे बड़ी चिंता उस समय सामने आई जब जाम के कारण आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने लगी। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि सड़क पर इतनी अधिक भीड़ बनी रही तो मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर समस्या हो सकती है। पहले भी कैंची धाम मार्ग पर भारी ट्रैफिक के कारण एम्बुलेंस के फंसने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसलिए मौजूदा भीड़ ने यातायात प्रबंधन को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धाम परिसर और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। कुछ वीडियो में मंदिर परिसर में भीड़ के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी दिखाई गई है। हालांकि अलग-अलग वायरल वीडियो की तारीख और संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि करना जरूरी है। कई यूजर्स ने भीड़ को लेकर नाराजगी जताते हुए श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की है। इसी बीच कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने कैंची धाम में बढ़ती व्लॉगिंग और वीडियो बनाने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कभी शांति और साधना के लिए पहचाने जाने वाले आश्रम में अब मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने वालों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। यह आलोचना सोशल मीडिया पर व्यक्त व्यक्तिगत विचार हैं, जिन्हें पूरे श्रद्धालु समुदाय की राय नहीं माना जा सकता। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लेखक और निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने भी कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को लेकर श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां जाने से पहले लोगों को मौजूदा स्थिति और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी जरूर लेनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि कैंची धाम में बहुत ज्यादा भीड़ हो तो श्रद्धालु नीब करौरी बाबा से जुड़े दूसरे स्थानों पर भी जा सकते हैं। विशाल चतुर्वेदी ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा सुविधा का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने काकड़ी घाट, हनुमान गढ़ी मंदिर, नीब करौरी गांव और वृंदावन जैसे दूसरे स्थानों का भी उल्लेख किया, ताकि एक ही स्थान पर अत्यधिक भीड़ का दबाव कम किया जा सके। फिल्म की सफलता को लेकर भी इन दिनों काफी चर्चा है। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ‘हनुमान अंश’ ने दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। फिल्म ने नीब करौरी बाबा और उनसे जुड़े आध्यात्मिक स्थलों को लेकर दर्शकों में नई उत्सुकता पैदा की है। हालांकि कैंची धाम की पूरी भीड़ को केवल फिल्म से जोड़ना उचित नहीं होगा, क्योंकि लंबे वीकेंड और पहाड़ी पर्यटन सीजन ने भी आगंतुकों की संख्या बढ़ाने में भूमिका निभाई है। कैंची धाम की भौगोलिक स्थिति भी यातायात प्रबंधन के लिहाज से चुनौतीपूर्ण है। पहाड़ी क्षेत्र में सीमित चौड़ाई वाली सड़क पर एक साथ बड़ी संख्या में निजी वाहन पहुंचने से जाम की स्थिति तेजी से बनती है। इसी रास्ते का इस्तेमाल आसपास के स्थानीय लोगों और दूसरे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों को भी करना पड़ता है। ऐसे में अचानक बढ़ी भीड़ का असर पूरे मार्ग पर दिखाई देता है। प्रशासन भी अब भीड़ के दबाव को कम करने के उपायों पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा की जा रही है। पुलिस की ओर से भी जरूरत के अनुसार डायवर्जन और ट्रैफिक नियंत्रण लागू किया जा रहा है। फिलहाल कैंची धाम जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि यात्रा से पहले स्थानीय यातायात और भीड़ की स्थिति की जानकारी लें। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। फिल्म से बढ़ी उत्सुकता और लंबे वीकेंड की भीड़ ने कैंची धाम को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है, लेकिन अब चुनौती आस्था के साथ व्यवस्था और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखने की है।

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