पैरा एशियाई खेलों में भारत का ऐतिहासिक शिखर, 114 पदकों से रचा नया इतिहास
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर । जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय दल ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन शुक्रवार को 9 स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का समापन कुल 114 पदकों के साथ किया। इसमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल रहे। भारत का यह इन खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, पैरा बैडमिंटन, पैरा तीरंदाजी और पैरा निशानेबाजी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
भारत ने 2023 में हांगझोऊ में आयोजित पिछले पैरा एशियाई खेलों के अपने पदक प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। पिछले संस्करण में भारत ने 111 पदक (29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य) पदक जीते थे। इस बार भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल उतारा था, जो पिछले संस्करण में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल की तुलना में काफी छोटा था। पिछले संस्करण में भारत ने 303 (191 पुरुष और 112 महिला खिलाड़ी) खिलाड़ियों का दल उतारा था। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने पदकों की संख्या और स्वर्ण पदकों के मामले में नया मानक स्थापित किया। प्रतियोगिता के दौरान भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
एथलेटिक्स में पदकों की बारिश, सुमित अंतिल ने दिलाया स्वर्ण
भारतीय एथलीटों ने एक बार फिर देश के पदक अभियान में सबसे बड़ा योगदान दिया। एथलेटिक्स में भारत ने कुल 65 पदक जीते। आखिरी दिन भाला फेंक में सुमित अंतिल ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तिरंगे का गौरव बढ़ाया। पैरालंपिक और विश्व चैंपियन सुमित ने पुरुषों की संयुक्त वर्ग स्पर्धा में 72.46 मीटर भाला फेंककर अपना खिताब बरकरार रखा।
इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत, जबकि संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक जीता। संयुक्त वर्ग की इस स्पर्धा में खिलाड़ियों की अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार निर्धारित अंकों के आधार पर अंतिम क्रम तय किया गया।
पुरुषों की क्लब थ्रो एफ-51 स्पर्धा में प्रणव सूरमा ने 32.87 मीटर के खेल रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। धरमबीर ने 27.71 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर टी-64 दौड़ में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीतने के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसी स्पर्धा में अजय कुमार ने 53.61 सेकंड के खेल रिकॉर्ड समय के साथ कांस्य पदक जीता।
पुरुषों की भाला फेंक एफ-37/38 स्पर्धा में हनेय ने 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, पुरुषों की भाला फेंक एफ-40/41 स्पर्धा में नवदीप ने 42.55 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 200 मीटर टी-37 दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। संदीप ने पुरुषों की 100 मीटर टी-44 दौड़ में 11.67 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया।
पैरा बैडमिंटन में नितेश और थुलासिमथि का जलवा
पैरा बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर देश की पदक तालिका को मजबूती दी। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल-3 के फाइनल में हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। नितेश ने सीधे गेम में जीत दर्ज करते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की। मिश्रित युगल एसएल-3-एसयू-5 में थुलासिमथि मुरुगेसन के साथ खेलते हुए उन्होंने रजत पदक भी जीता।
पुरुष एकल एसएल-4 के फाइनल में नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिला युगल एसएल-3-एसयू-5 में थुलासिमथि मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जूशियान को 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
थुलासिमथि ने महिला एकल एसयू-5 में भी रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा नित्या श्री सुमति सिवन ने महिला एकल एसएच-6 में रजत पदक जीता। इस तरह भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण
पैरा निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन एसएच-1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड और पैरा एशियाई खेलों का रिकॉर्ड बनाया। इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय पैरा निशानेबाज भी बनीं।
मोना ने इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच-1 स्पर्धा में 250.0 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान उन्होंने खेल रिकॉर्ड बनाया और हमवतन अवनी लेखरा को पीछे छोड़ा। अवनी ने 249.6 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। मोना ने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत के अभियान में अहम योगदान दिया।
तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी चमकी
पैरा तीरंदाजी में पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह और पदार्पण कर रहे विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन के युन डुओ और झाओ लिशुए को 5-1 से हराया।
महिला रिकर्व युगल में भावना चौधरी और पूजा जाट्यान ने रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शुएचियान के खिलाफ 0-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस रजत पदक के साथ भारत ने इस स्पर्धा में पैरा एशियाई खेलों का अपना पहला पदक भी हासिल किया।
तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम
भारतीय पैरा तैराकों ने प्रतियोगिता में कुल 11 पदक जीतकर उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। हिमांशु नांदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस-11 स्पर्धा में 1 मिनट 5.90 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने प्रतियोगिता में तीन कांस्य पदक अपने नाम किए। इससे पहले वह 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस-11 स्पर्धाओं में भी तीसरे स्थान पर रहे थे।
हिमांशु का जन्म दृष्टि तंत्रिका की समस्या के कारण दृष्टिहीनता के साथ हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से भारतीय दल को गौरवान्वित किया। रवि बुडिगिना ने भी दो रजत और एक कांस्य पदक सहित तीन पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
पैरा टेबल टेनिस में भी मिला पदक
पैरा टेबल टेनिस में जेहान दोराब मदान और शुभम वाधवा की जोड़ी ने पुरुष युगल एमडी-4 वर्ग में कांस्य पदक जीता। 50 वर्षीय जेहान भारतीय दल के सबसे उम्रदराज पदक विजेता बने। उनकी उपलब्धि ने यह साबित किया कि खेल में अनुभव और दृढ़ संकल्प भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं।
भारत के खिलाड़ियों ने आखिरी दिन नौ स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया। एथलेटिक्स में विश्व रिकॉर्ड, पैरा बैडमिंटन में स्वर्णिम सफलता, निशानेबाजी में मोना अग्रवाल का ऐतिहासिक प्रदर्शन और तीरंदाजी में स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को नई ऊंचाई दी। कुल 114 पदकों के साथ भारतीय दल ने पैरा एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया और देश को गौरवान्वित किया।