November 04, 2026

स्टॉक मार्केट में एमके संस फाइन ज्वेल्स की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 04 नवंबर । जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी एमके संस फाइन ज्वेल्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत करने में सफल रहे। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 162 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 5.93 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 171.60 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 5.56 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 171 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 175 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये ऊपरी स्तर से नीचे गिर कर 163.11 रुपये के स्तर तक आ गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 11 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 164.54 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 2.54 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत का मामूली फायदा हो सका है।

इस कंपनी का 275.40 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 से 30 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.81 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 13.84 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस इश्यू के तहत लगभग 220.32 करोड़ रुपये मूल्य के 1.36 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि प्रमोटर द्वारा 55.08 करोड़ रुपये मूल्य के 34 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की गई है। आईपीओ में ओएफएस के जरिये जुटाई गई पूरी रकम प्रमोटर रामचंद्र मुरलीधर रायमलानी के पास जाएगी। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 152.84 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी महाराष्ट्र में एक नया शोरूम स्थापित करने और गुजरात में मौजूदा शोरूम के विस्तार से जुड़े खर्चों की फंडिंग के लिए करेगी। इसके अलावा 30 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के बोझ को कम करने में किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

एमके संस फाइन ज्वेल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 8.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23.26 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 123 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 51.80 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 15.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 217.40 करोड़ करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 351.32 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 53 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 538.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 101.45 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 38.64 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 68.93 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में मामूली गिरावट के साथ 68.44 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 70.52 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 95.21 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 219.64 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 283.21 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 305.68 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 17.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़कर 107.70 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 125.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 140.35 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 22.27 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 116.21 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 168.01 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 183.04 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 12.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 38.57 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़कर 82.94 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 23.42 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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