April 16, 2026

जनभागीदारी से सशक्त होगा गांवों का विकास, “सबकी योजना–सबका विकास” कार्यशाला में बना रोडमैप

धमतरी, 16 अप्रैल । जिला पंचायत के सभा कक्ष में गुरुवार को “सबकी योजना–सबका विकास” अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने पर मंथन हुआ। जनभागीदारी, पारदर्शिता और समावेशी विकास को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के बेहतर निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि विकास की असली नींव गांवों से ही तैयार होती है। जब योजनाएं लोगों की भागीदारी से बनती हैं, तो उनका असर अधिक व्यापक और टिकाऊ होता है। उन्होंने सरपंचों और सचिवों से ग्राम सभाओं को सक्रिय बनाने, पारदर्शिता बनाए रखने और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यशाला में बताया गया कि “सबकी योजना–सबका विकास” पंचायती राज मंत्रालय का जन अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करना है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों को मजबूती देता है। करीब 30 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों ने कार्यशाला में भाग लेकर गांवों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। ग्राम स्तरीय नियोजन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

समर्थन फाउंडेशन के देवीलाल दास ने सामाजिक मानचित्रण की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि इससे गांव के सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक पहलुओं का समग्र आकलन संभव होता है। इसके जरिए यह भी पता चलता है कि किन वर्गों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सरल तरीके से प्रस्तुत किया। कार्यशाला में ग्राम पंचायत विकास योजना को समग्र रूप से तैयार करने पर बल दिया गया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करने की बात कही गई। ग्राम सभा की भूमिका को इस प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। 15 वें वित्त आयोग की राशि के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस राशि को सड़क, जल निकासी, पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं पर प्राथमिकता से खर्च करने तथा गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

जिला पंचायत के सीईओ गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। “सबकी योजना–सबका विकास” केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू की जाने वाली प्रभावी कार्यपद्धति है। उन्होंने पंचायतों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, कर संग्रह व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नवाचार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी। कार्यशाला के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर सार्थक चर्चा की। अंत में सभी से अपेक्षा की गई कि वे यहां प्राप्त ज्ञान को अपने गांवों में लागू कर विकास कार्यों को नई गति देंगे। कार्यक्रम में विश्वास जताया गया कि सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी और सुनियोजित योजना निर्माण से “सबकी योजना–सबका विकास” का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकेगा।

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