April 17, 2026

उपराष्ट्रपति व अन्य ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्य तिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 17 अप्रैल । पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद, दार्शनिक और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी पुण्य तिथि पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समेत केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने अपना जीवन ज्ञान की खोज और युवा दिमागों को आकार देने के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन सीखने की शक्ति, विनम्रता और राष्ट्र की सेवा का एक प्रमाण है। उनकी स्थायी विरासत हमें अपने जीवन में ज्ञान, अखंडता और करुणा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। केंद्रीय सड़क और परिवहनमंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके ओजस्वी विचार सदैव युवाओं को शिक्षित, समर्थ व सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे। केंद्रीयमंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और उनके विचार सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठित दार्शनिक और राजनेता, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन शिक्षा, संस्कार और भारतीय चिंतन की महान परंपरा का उज्ज्वल प्रतीक है। उनके विचारों की ज्योति सदैव शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के पथ को प्रकाशित करती रहेगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा के क्षेत्र में उनका आजीवन समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्र निर्माण तथा बौद्धिक चेतना के विस्तार में उनके अद्वितीय योगदान को देश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1888-1975) देश के पहले उपराष्ट्रपति (1952-1962) और दूसरे राष्ट्रपति (1962-1967) हैं। वे महान दार्शनिक और शिक्षाविद हैं। उनके सम्मान में पांच सितंबर को 'शिक्षक दिवस' मनाया जाता है। उन्हें 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय दर्शन को विश्व पटल पर स्थापित किया और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए राधाकृष्णन समिति का नेतृत्व किया।

Advertisement








Tranding News

Get In Touch

hindnesri24news@gmail.com

Follow Us

© Hind Kesari24. All Rights Reserved.