दिल्ली 29 अप्रैल: महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को हुई बहस ने देश की महिलाओं को निराश किया है। सीएम गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि देश की महिलाएं लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी महिलाएं बराबरी के अवसर से वंचित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन सी बाधाएं हैं, जिनकी वजह से महिलाएं विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंच पातीं।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति पुरुषों से अलग है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए कई अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिला आरक्षण कानून महिलाओं को राजनीति में समान अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले से ही इस विधेयक को रोकने की योजना बना ली थी और संसद में कई तरह की बाधाएं खड़ी की गईं। उन्होंने कहा कि “बेटियों की हार में लोकतंत्र की जीत कैसे हो सकती है?”
इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने जेल जाने के बाद अपनी पत्नी को अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश की, लेकिन विरोध के बाद अन्य विकल्प अपनाना पड़ा। सीएम गुप्ता ने महिला सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी मुद्दा उठाया और कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है
hindnesri24news@gmail.com
© Hind Kesari24. All Rights Reserved.